बालको के पोषण माह ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल को बनाया उत्कृष्ट...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
कोरबा जिले के बेला गांव की सरपंच जया राठी ने कहा कि एनीमिया और कैंसर पर जागरूकता सत्र वास्तव में ज्ञानवर्धक थे। बालको के स्तनपान सहायता सत्र इसे सामान्य बनाने में सहायक रहे हैं। ऐसे कार्यक्रम हमारे समुदाय में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर गहरा सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए तैयार हैं। बालको के स्वास्थ्य पहल के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
भारत सरकार द्वारा शुरू की गई पोषण माह पहल के अनुरूप बालको ने आरोग्य परियोजना के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य देखभाल को संबोधित करने, पोषण महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ पोषण कोशिशों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सितंबर को पोषण माह के रूप में मनाया। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के साथ-साथ कुपोषित बच्चों की माताओं के बीच जागरूकता अभियान चलाया गया।
इस महीने में कई गतिविधियाँ शामिल थीं जैसे: महीने भर चलने वाले उत्सव में पोषण विशेषज्ञों और स्त्री रोग विशेषज्ञों के नेतृत्व में पोषण और एनीमिया से संबंधित विषय पर जागरूकता शिविरों और सत्रों सहित कई कार्यक्रम आयोजित किये गए। पीडी हर्थ सत्र और टीएचआर प्रशिक्षण कार्यक्रम सत्रों में चिकित्सीय जटिलताओं के बिना कुपोषित बच्चों के पुनर्वास और रखरखाव के लिए एक प्रभावी परिवर्तन कार्यक्रम है। माताओं एवं बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हेतु टेक-होम राशन (महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदान किया जाने वाला पूरक खाद्य उत्पाद) पर प्रशिक्षण भी शामिल किया गया।
रेसिपी प्रतियोगिताओं में परिचर्चा, प्रश्नोत्तर सत्र और टीएचआर का उपयोग करके एक विशेष रेसिपी बनाने की ‘व्यंजन प्रतियोगिता’ में महिलाओं की भागीदारी ने सभी को सीखने के लिए प्रोत्साहित किया। गोदभराई रस्म बालको ने समुदाय की 30 गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक भारतीय गोद भराई का जश्न मनाया, उन्हें पोषण सेवन बढ़ाने के लिए मूल्यवान टिप्स और तकनीकें प्रदान कीं। साथ ही बालको ने कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के सहयोग से कुपोषित परिवारों को सब्जियों के बीज और फलों के पौधे वितरण कर पोषण बाड़ी के विकास को प्रोत्साहित किया।






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