छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, दीपावली से पहले डीए और एरियर भुगतान की मांग...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़
रायपुर में प्रशासनिक महकमे हलचल तेज हो गई है। 'एक मांग एक मंच' अभियान के तहत करन सिंह अटेरिया की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव विकास शील से मुलाकात की। इस दौरान प्रशासनिक अमले और पेंशनभोगियों के आर्थिक हितों से जुड़े पांच सूत्रीय मुद्दों को लेकर तीखी आवाज उठाई गई।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि 'मोदी की गारंटी' में कर्मचारियों और पेंशनरों से किए गए वादों को अब तक अमलीजामा नहीं पहनाया गया है। सरकार के कार्यकाल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों को उनके हक से वंचित रखा जा रहा है। महंगाई के इस दौर में आर्थिक नुकसान झेल रहे कर्मचारियों ने त्योहारी सीजन से पहले राहत देने की पुरजोर मांग उठाई है।
प्रमुख मांगों में केंद्र के समान जनवरी से दो प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत का भुगतान दीपावली से पहले करना शामिल है। इसके अलावा वर्षों से लंबित अट्ठासी महीने के एरियर का निपटारा, संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मियों का नियमितीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं में ठेका प्रथा पर प्रतिबंध, नगरीय निकायों में पुरानी पेंशन बहाली और कैशलेस चिकित्सा योजना में पेंशनभोगियों की अनिवार्य भागीदारी की मांग प्रमुखता से रखी गई।
इससे पहले भी प्रशासनिक स्तर पर हजारों कर्मचारियों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से मैदानी अमले और पेंशनभोगियों में नाराजगी है। मुख्य सचिव ने ज्ञापन का अध्ययन कर सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिया है। इस शिष्टमंडल में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।






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