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हाईकोर्ट ने दी एसआई भर्ती गर्भवती महिलाओं को राहत.....

Jul 23, 2023
2 min read











छत्तीसगढ़ में पुलिस कॉन्स्टेबल बनने की इच्छा रखने वाली गर्भवती महिलाओं को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राहत दी है। कोर्ट ने एक महिला उम्मीदवार की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए ये फैसला सुनाया की राज्य के गृह विभाग और अन्य को सुनवाई की अगली तारीख तक उप-निरीक्षक भर्ती श्रेणी में एक पद खाली रखने का निर्देश दिया है. याचिकाकर्ता रोशनी केरकेट्टा ने अपनी गर्भावस्था के कारण शारीरिक परीक्षण की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था। जस्टिस पी सैम कोशी की बेंच ने प्रतिवादियों को दो हफ्ते के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले को 21 अगस्त से शुरू होने वाले सप्ताह के दौरान आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। रोशनी केरकेट्टा ने अपने वकील शाल्विक तिवारी के माध्यम से दलील दी कि जब भर्ती प्रक्रिया चल रही थी, तब उसकी शादी हो गई और बाद में वह गर्भवती हो गई। वर्तमान में, वह छह महीने की गर्भवती है, और उसकी अपेक्षित डिलीवरी की तारीख नवंबर 2023 के आसपास है। अपनी स्थिति को देखते हुए रोशनी केरकेट्टा ने अधिकारियों से शारीरिक परीक्षण को बाद की तारीख के लिए स्थगित करने का औपचारिक अनुरोध किया, लेकिन उसे सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उसने 24 जुलाई, 2023 को होने वाले शारीरिक मानक परीक्षण को छह महीने के लिए स्थगित करने की मांग करते हुए अदालत का को अपना मद दिया याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में दो उल्लेखनीय कानूनी उदाहरणों का हवाला दिया, जिसमें कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की स्थितियों को देखते हुए शारीरिक मानक परीक्षण/शारीरिक दक्षता परीक्षा को स्थगित करने की अनुमति दी थी। पिछली सुनवाई के दौरान उप महाधिवक्ता ने कोर्ट से मामले की सुनवाई अगले सप्ताह के लिए निर्धारित करने का अनुरोध किया था। यह अतिरिक्त समय उन्हें विभाग में उच्च अधिकारियों से उचित निर्देश प्राप्त करने में सक्षम करेगा, जिससे याचिकाकर्ता द्वारा उठाई गई चिंताओं पर एक अच्छी तरह से सूचित और व्यापक प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी।

 
 
 

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