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छत्तीसगढ़ कोल लेवी मामला: भिलाई विधायक देवेंद्र यादव को ईओडब्ल्यू का नया नोटिस.....

Oct 2
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले की आंच एक बार फिर तेज हो गई है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने भिलाई नगर के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसते हुए उन्हें एक नया नोटिस थमाया है। एजेंसी द्वारा जारी इस ताजा नोटिस के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।


विशेष अदालत में पेश होने का फरमान -

ईओडब्ल्यू ने अपने नोटिस में अपराध क्रमांक 03/2024 के तहत चल रही जांच (विवेचना) के अंतिम चरण में पहुंचने और कोर्ट में चालान (अभियोग पत्र) पेश किए जाने की प्रक्रिया का जिक्र किया है। इसके साथ ही विधायक देवेंद्र यादव को आगामी 5 अक्टूबर 2026 को रायपुर स्थित विशेष भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।


किन गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई ?

जांच एजेंसी ने इस पूरे प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा 7, 7A और 12 के अलावा भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई गंभीर धाराओं जैसे 420 (धोखाधड़ी), 120-B (आपराधिक षड्यंत्र), 384 (अटॉर्नी/वसूली), 467, 468 और 471 (फर्जी दस्तावेज तैयार करना) के तहत मामला दर्ज किया है।


हाल ही में हुई थी लंबी पूछताछ -

आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब विधायक इस जांच के घेरे में आए हों। इससे पहले 28 सितंबर 2026 को भी ईओडब्ल्यू ने उन्हें समन भेजकर तलब किया था। उस दौरान वे रायपुर स्थित ईओडब्ल्यू दफ्तर पहुंचे थे, जहां अधिकारियों ने उनसे दो घंटे से अधिक समय तक मैराथन पूछताछ की थी। इस पूरे मामले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के इनपुट्स और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।


कानूनी प्रक्रिया पर एक नजर -

जानकारों का मानना है कि किसी भी मामले में नोटिस मिलने या नाम आने भर से कोई व्यक्ति दोषी साबित नहीं होता है। अदालत में चालान पेश होने के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि जांच एजेंसी ने किन ठोस सबूतों और साक्ष्यों के आधार पर यह कदम उठाया है। फिलहाल, 5 अक्टूबर की तारीख को देखते हुए इस मामले में सभी की निगाहें विशेष न्यायालय की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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