केंद्रीय कर्मचारियों ने की पुरानी पेंशन बहाली की मांग, सरकार ने दी कार्रवाई की चेतावनी......

राज्य व केंद्र सरकार के कर्मचारी जहां पुरानी पेंशल बहाली की मांग के चलते रैली निकाल रहे हैं, वहीं सरकार ने चेतावनी देते हुए कार्रवाई करने का डर दिखाया है। गौरतलब है कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर देशभर के केंद्रीय और राज्य कर्मी दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली कर रहे हैं। हालांकि एक दिन पहले ही केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाली की मांग को लेकर किसी भी रैली में भाग लेने के खिलाफ चेतावनी दी है।
मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है, विरोध सहित किसी भी रूप में हड़ताल पर जाने वाले किसी भी कर्मचारी को अंजाम भुगतना होगा, इसमें वेतन कटौती के अलावा अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। गौरतलब है कि 1 मार्च 2022 तक केंद्र सरकार के कर्मचारियों की संख्या 30.13 लाख थी। 31 जनवरी तक, एनपीएस के तहत 23,65,693 केंद्र सरकार और 60,32,768 राज्य सरकार के कर्मचारी नामांकित थे। पेंशन अधिकार महारैली नामक कार्यक्रम का आयोजन ज्वाइंट फोरम फॉर रिस्टोरेशन ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम (जेएफआरओपीएस)/नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन (एनजेसीए) के तत्वावधान में किया है। इसमें ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मैन (एनएफआइआर) के सदस्य शामिल हैं।
जबकि सुप्रीम कोर्ट ने भी कई फैसलों में इस बात पर सहमति जताई है कि आचरण नियमों के तहत हड़ताल पर जाना एक गंभीर कदाचार है और सरकारी कर्मचारियों द्वारा किए गए कदाचार से कानून के अनुसार निपटना आवश्यक है। बता दें कि 2008 में जारी किए गए निर्देशों के एक सेट में कहा गया है कि सरकारी कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की हड़ताल में भाग लेने से रोकें, जिसमें सामूहिक आकस्मिक अवकाश या किसी भी प्रकार की हड़ताल को बढ़ावा देने वाली कोई भी कार्रवाई शामिल है।






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)




Comments