छ.ग. के नए जिलों का हाल, अवैध खनन से शासन बेखबर, धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं गिट्टी, पत्थर....

पत्रकार ईस्माइल खान की कलम से :- सरसींवा - एक तरफ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अवैध खनन एवं माफियाओं पर कठोर कार्यवाही करने के दिशा निर्देश जारी करते आ रहे हैं परंतु खनन माफियाओं के ऊपर संबंधित विभाग के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किये जाने से जनमानस के मन में अनेको संदेह जन्म लेते है,
सारंगढ़ बिलाईगढ़ नवनिर्मित जिला बनने के बाद भी अवैध खनन जोरों शोरों पर चल रही है, अवैध खदान, अवैध क्रेशर, पत्थरो की अवैध निकासी, इन मामलों में सारंगढ़ बिलाईगढ़ के जिलाधीश, राजस्व एवं माइनिंग विभाग के अधिकारी भी अवैध खनन पर रोक नहीं लगा पा रहे है।

बताया जाता है कि जिला मुख्यालय से पत्थर खदान लगभग 24 किलोमीटर दूरी पर स्थित है, खासकर इस क्षेत्र के ग्राम पंचायत शुक्लाभाटा और सोहागपुर में छोटे बड़े मिलाकर लगभग 25 खदान है, जिनसे अवैध रूप से पत्थर तोड़कर क्षेत्र में खुलेआम ऊंचे दामों पर बिक्री किया जा रहा है, शुक्लाभाटा और सुहागपुर में लगभग 5 क्रेशर भी चल रहे हैं जिनसे गिट्टी बनाकर मार्केट में ऊंचे दामों में धड़ल्ले से बिक्री किये जा रहे हैं। अधिकांश पत्थर खदान तो ऐसे है जिनका लीज़ दुसरे जगह का है और खनन किसी दुसरे जगह पर किया जा रहा है,

ऐसे में एक पत्थर खदान के कर्मचारी ने दबी जुबान बताया कि माइनिंग विभाग के एक कर्मचारी आते हैं और सभी पत्थर खदान व क्रेसर वालों से मुलाखात कर चले जाते हैं। विदित हो कि बिना लीज के माफियाओं द्वारा अवैध खनन कर मनमाने तरीके से समतल भूमि को जेसीबी मशीन से खुदाई कर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील कर दिया है। अब इन गड्ढों में बारिश का पानी भरने से बच्चों के डूबने का खतरा बना रहता है, इसके बावजूद भी राजस्व विभाग, माइनिंग विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इन पर कार्यवाही नहीं कर रहे हैं।







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