बिलासपुर की ऐतिहासिक धरोहर: तालागांव का देवरानी-जेठानी मंदिर और रहस्यमयी रुद्रशिव प्रतिमा...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मनियारी नदी के तट पर स्थित तालागांव का प्रसिद्ध देवरानी-जेठानी मंदिर प्राचीन भारतीय वास्तुकला और मूर्तिकला का एक बेजोड़ नमूना है। अमेरीकांपा क्षेत्र में स्थित यह पुरातात्विक स्थल अपनी अनोखी कलाकृतियों और इतिहास के कारण देश-दुनिया के पर्यटकों और शोधकर्ताओं को आकर्षित करता है।

वास्तुकला और इतिहास के अनछुए पहलू
इतिहासकारों के मुताबिक, इन मंदिरों का निर्माण पांचवीं से छठी शताब्दी ईस्वी के बीच दक्षिण कोसल के प्राचीन शरभपुरीय राजवंश के शासनकाल में हुआ था। भगवान शिव को समर्पित ये मंदिर उस दौर की उन्नत शिल्पकला और धार्मिक आस्था का जीवंत प्रमाण हैं।
देवरानी मंदिर: पूर्व मुखी यह मंदिर अपनी उत्कृष्ट नक्काशी के लिए जाना जाता है। इसके प्रवेश द्वार पर नदी देवियों और गजलक्ष्मी की सुंदर आकृतियाँ उकेरी गई हैं। हालांकि, समय के साथ इसका ऊपरी शिखर नष्ट हो चुका है, लेकिन इसके बचे हुए अवशेष आज भी प्राचीन निर्माण शैली की उत्कृष्टता बयां करते हैं।
जेठानी मंदिर: दक्षिण मुखी यह मंदिर देवरानी मंदिर से भिन्न स्थापत्य कला का उदाहरण है। इसके विशाल स्तंभों और पत्थरों पर की गई नक्काशी इसकी भव्यता की कहानी कहती है। वर्तमान में यह अधिकांशतः खंडहर में बदल चुका है, लेकिन इसके गर्भगृह और मंडप के अवशेष इस क्षेत्र के सांस्कृतिक वैभव की गवाही देते हैं।

आकर्षण का केंद्र: रहस्यमयी रुद्रशिव प्रतिमा
यहाँ की सबसे बड़ी और खास विशेषता 1987-88 के दौरान हुई खुदाई में मिली विशाल रुद्रशिव प्रतिमा है।
एक ही बड़े पत्थर को तराशकर बनाई गई इस प्रतिमा की ऊँचाई लगभग 2.70 मीटर (9 फीट) है।
इसके पूरे शरीर पर सांप, विभिन्न पशु-पक्षियों और अनोखी आकृतियों की नक्काशी की गई है, जो भारतीय मूर्तिकला में इसे अत्यंत दुर्लभ बनाती है।
खोज और अन्य मुख्य बिंदु
खोज: इस ऐतिहासिक स्थल को वर्ष 1873-74 में प्रसिद्ध पुरातत्वविद् अलेक्जेंडर कनिंघम के सहायक जे. डी. वेलगर ने खोजा था।
नामकरण: स्थानीय स्तर पर इन्हें 'देवरानी-जेठानी' नाम दिया गया है, हालांकि इनके इस नाम के पीछे की सटीक ऐतिहासिक कहानी का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिलता।
संक्षिप्त विवरण तालिका -
बिन्दु | विवरण |
स्थल का नाम | देवरानी-जेठानी मंदिर |
स्थान | अमेरीकांपा, तालागांव |
जिला एवं राज्य | बिलासपुर, छत्तीसगढ़ |
नदी | मनियारी नदी |
मुख्य आराध्य | भगवान शिव |
विशेष आकर्षण | 9 फीट ऊँची रुद्रशिव की एकात्म प्रतिमा |
काल | लगभग 5वीं–6वीं शताब्दी ईस्वी |
(विशेष जानकारी: छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड और बिलासपुर जिला प्रशासन के अभिलेखों पर आधारित)
राकेश कुमार साहू, संवाददाता, जांजगीर-चांपा (शालिनी न्यूज़ एजेंसी)






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