छत्तीसगढ़ से बड़ी खबर— हड़ताल की 31 दिनों की अवधि अब नियमित: सरकार ने पंचायत सचिवों को राहत दी....
- ANIS LALA DANI

- Jul 15
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ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
रायपुर,छत्तीसगढ़ में लंबे समय से अपनी हड़ताल अवधि को नियमित करने की मांग कर रहे हजारों पंचायत सचिवों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है।
राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए पंचायत सचिवों की पिछले वर्ष की हड़ताल अवधि को नियमित करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। सरकार ने ने 17 मार्च 2025 से 16 अप्रैल 2025 तक चली कुल 31 दिनों की इस हड़ताल अवधि को ‘विशेष अवकाश’ (Special Leave) के रूप में मान्यता देने का फैसला किया है, जिससे कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड में आ रही बाधाएं दूर हो जाएंगी।
मंत्रालय, महानदी भवन से जारी सरकारी आदेश के मुताबिक, हड़ताल में शामिल रहे संबंधित पंचायत सचिवों की इस 31 दिनों की अवधि का समायोजन उनके अवकाश खाते में उपलब्ध अर्जित अवकाश (Earned Leave – EL) के माध्यम से पहले किया जाएगा। यदि किसी कर्मचारी के खाते में पूरी अवधि के बराबर अर्जित अवकाश उपलब्ध नहीं होता है, तो ऐसी स्थिति में शेष बचे हुए दिनों को शासन द्वारा विशेष अवकाश के रूप में स्वीकृत कर नियमित माना जाएगा।
प्रशासनिक राहत के इस बड़े फैसले के साथ राज्य सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ी शर्त भी जोड़ दी है। विभाग द्वारा जारी आदेश में यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया गया है कि हड़ताल अवधि को नियमित करने और वेतन-अवकाश संबंधी यह सुविधा केवल इसी शर्त पर प्रदान की जा रही है कि संबंधित पंचायत सचिव भविष्य में कभी भी किसी भी प्रकार की हड़ताल या कार्य बहिष्कार के आंदोलन में शामिल नहीं होंगे। भविष्य में हड़ताल न करने का यह वचन पत्र इस पूरे आदेश का सबसे नीतिगत और महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह संवेदनशील निर्णय ‘प्रदेश पंचायत सचिव संघ, छत्तीसगढ़’ द्वारा लगातार की जा रही मांग और उनके द्वारा दिए गए ज्ञापनों पर शासन स्तर पर हुए उच्च स्तरीय विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। इस फैसले से राज्य के हजारों पंचायत सचिवों को बड़ी प्रशासनिक और वित्तीय राहत मिलेगी, क्योंकि उनकी सेवा में आया व्यवधान अब समाप्त हो जाएगा।
यह महत्वपूर्ण आदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आधिकारिक रूप से जारी किया गया है। इसके साथ ही आदेश की प्रतिलिपि आवश्यक विभागीय कार्रवाई और क्रियान्वयन के लिए राज्य के उप मुख्यमंत्री (प्रभारी मंत्री, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग), अपर मुख्य सचिव, पंचायत संचालनालय सहित सभी संभागायुक्तों, जिला कलेक्टरों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) और सभी जनपद पंचायतों के सीईओ को प्रेषित कर दी गई है।




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