बड़े - बड़े दिग्गज नहीं समझ पा रहे नीतीश बाबू के सियासी दांव-पेंच....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
सुशासन बाबू के नाम से पहचान बना चुके बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक कुशल चतुर और चालाक नेता के रुप में उभर रहे हैं। कभी अपने सहयोगी लालू के लाल के कंधे पर हाथ रखकर सियासी विरासत सौंपने के संकेत देते हैं तो कभी भाजपा के नेताओं के तारीफ करके विरोधी खेमे में सियासी मिठास घोल देते हैं। इसी खटास और मिठास के बीच नीतीश कुमार की राजनीति चमक रही है। शनिवार को भाजपा से दोस्ती वाले बयान पर सफाई देते हुए सीएम नीतीश ने तेजस्वी यादव के कंधे पर हाथ रखा और कहा, अब यह बच्चा मेरे लिए सब कुछ है। जबकि नीतीश ने पिछले साल कहा था कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के युवा नेता राज्य में सत्तारूढ़ महागठबंधन का नेतृत्व करेंगे। अब बिहार में चर्चा इस बात पर है कि नीतीश कुमार तेजस्वी को युवा मानते हैं या बच्चा। यदि तेजस्वी बच्चा हैं तो अभी बिहार की कमान नहीं संभाल पाएंगे और युवा हैं तो क्या नीतीश कुमार उन्हे अपने कुर्सी सौंपेगे।
नीतीश कुमार के इस सियासी दांव को कई दल भली भांति समझ रहे हैं तो कई जानबूझकर न समझ बनने की कोशिश कर रहे हैं। ताकि नीतीश के अगले दांव पर नजर रखकर उसे काउंटर किया जा सके। हो सकता है कि भारतीय जनता पार्टी कुछ इसी तरह से नीतीश को मात देने के फिराक में बताई जा रही है। हालांकि सच क्या है तो भाजपा और नीतीश ज्यादा बेहतर जानते होंगे पर इतना जरुर है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के सीनियर नेता रविशंकर का पलटवार कुछ इसी तरह के संकेत दे रहा है। नीतीश कुमार के तेजस्वी यादव को बच्चा और सब कुछ कहने वाले बयान पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अब उनके अंदर की बात को मैं सुनकर और समझ कर जवाब दूंगा और प्रभावी जवाब दूंगा। परन्तु अब कौन किसका बच्चा है और कौन किसके पिता है
यह बिहार राज्य में चलता है और चलने दीजिए। लेकिन इतना कहूंगा कि पिता की अपेक्षा है कि मेरा बेटा जल्दी मुख्यमंत्री बने, अब चाचा कब कुर्सी छोड़ते हैं यह देखना होगा। भाजपा बिहार इकाई के अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने दावा करते हुए कहा, ‘‘मैं नीतीश कुमार से कई साल छोटा हूं। मैं भी उनके सामने बच्चा हूं। इसलिए अगर वह तेजस्वी को बच्चा कहते हैं, तो कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन जो लोग सोचते हैं कि यह उत्तराधिकार का संकेत है, उन्हें याद रखना चाहिए कि यह बिहार के लोगों को तय करना है। जनता ने अगली बार भाजपा सरकार चुनने का मन बना लिया है, क्योंकि लोग लालू और नीतीश को बहुत देख चुके हैं।इसी तरह जब पत्रकारों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह से इस बारे में प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि मुख्यमंत्री ने जो कहा है, उसमें कोई आश्चर्य की बात है। उन्होंने कहा, कृपया याद रखें कि मुख्यमंत्री ने अतीत में यह स्पष्ट किया है कि वह चाहेंगे कि तेजस्वी अगले चुनावों में नेतृत्व करें। युवा नेता 2020 में पहले ही अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं, जब उन्होंने प्रचार अभियान का नेतृत्व किया था और महागठबंधन जीत के काफी करीब पहुंच गया था।






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