बलौदाबाजार में फर्जी नियुक्ति पत्र, भाजपा नेता पर 2 लाख ठगी का आरोप....
- ANIS LALA DANI

- 1 day ago
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ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
बलौदाबाजार , छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक बार फिर नौकरी के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। इस बार आरोप सीधे भाजपा के एक स्थानीय नेता पर लगा है, जो पहले से ही फर्जी तबादला कांड में जेल में बंद हैं।
फर्जी नियुक्ति पत्र का खुलासा
बलौदाबाजार जिले के कसडोल में छत्तीसगढ़ राज्य बीज-कृषि विकास निगम का कोई कार्यालय नहीं है, लेकिन फिर भी यहां डाटा एंट्री ऑपरेटर के स्थायी पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2 लाख रुपए ठग लिए गए।
पीड़ित हेमंत साहू को भाजपा नेता कृष्णा अवस्थी ने यह वादा किया था कि उन्हें डाटा एंट्री ऑपरेटर की स्थायी नौकरी मिल जाएगी। इसके बदले कृष्णा अवस्थी ने हेमंत से 2 लाख रुपए लिए। जब ज्वाइनिंग की तारीख आई और हेमंत साहू कार्यालय जाने की तैयारी करने लगे, तब पता चला कि कसडोल में निगम का कोई कार्यालय ही नहीं है।
फर्जी पत्र की बनावट: इतनी असली कि शक ही नहीं हुआ
फर्जी नियुक्ति पत्र रायपुर स्थित "बीज भवन" के लेटरहेड पर जारी किया गया था। इसमें 6 जुलाई 2026 को ज्वाइनिंग की तारीख और 30,700 रुपए मासिक वेतन बताया गया था। पत्र में शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जन्मतिथि प्रमाण, आयु प्रमाण और फोटो सहित कई दस्तावेज मांगे गए थे। पत्र में नौकरी की शर्तें, अनुशासन से जुड़े नियम और काम की जिम्मेदारियों का भी विस्तार से उल्लेख किया गया था। इसकी बनावट इतनी वास्तविक थी कि इसे देखकर सामान्य व्यक्ति को फर्जी होने का शक नहीं हो सकता था।
निगम का स्पष्टीकरण: "यह बेरोजगारों के सपनों के साथ क्रूर खिलवाड़"
महाप्रबंधक विनोद कुमार वर्मा ने पत्र मिलने के बाद इसे पूरी तरह अवैध बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बलौदाबाजार जिले के कसडोल में निगम की कोई इकाई नहीं है। पिछले दो साल से विभाग में कोई भर्ती अभियान भी नहीं चला है।
विनोद वर्मा ने बताया कि नियुक्ति पत्र पर किए गए उनके हस्ताक्षर भी कॉपी-पेस्ट किए गए हैं। उनके अनुसार, किसी पुराने आदेश को स्कैन कर कॉपी-पेस्ट के जरिए यह दस्तावेज तैयार किया गया। फॉन्ट और लेआउट में थोड़ा बदलाव कर इसे नया रूप दिया गया। महाप्रबंधक ने कहा, "यह बेरोजगारों की मजाक नहीं, बल्कि उनके सपनों के साथ क्रूर खिलवाड़ है।" विनोद वर्मा ने मामले में तेलीबांध थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच: बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स से होगी पड़ताल...
विनोद वर्मा ने साफ कहा, "जब भर्ती ही नहीं, तो नियुक्ति पत्र कैसे जारी हो सकता है?" कृष्णा अवस्थी पहले से फर्जी तबादला मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। अब सामने आए इस आरोप से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
पुलिस जांच करेगी कि ठगी की रकम कहां गई और क्या अवस्थी ने पहले भी इसी तरह अन्य युवाओं को निशाना बनाया है। बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स के आधार पर मामले में शामिल अन्य लोगों का भी पता लगाया जाएगा।
पृष्ठभूमि: कृष्णा अवस्थी पर पहले से कई गंभीर आरोप...
कृष्णा अवस्थी पहले से ही फर्जी तबादला मामले में जेल में हैं। भाजपा ने उन्हें और जिला उपाध्यक्ष पुनी राम पटेल को फर्जी ट्रांसफर आदेश कांड में पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इससे पहले भी उनके बेटे प्रणव अवस्थी पर नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगा चुका है।
बलौदाबाजार एसपी को पीड़ित के दोस्त मेघनाथ बंजारे ने मामले की शिकायत की है। थाना प्रभारी ने शिकायत स्वीकार कर जल्द जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है। देखना यह है कि इस जांच में कितने बड़े गिरोह का पर्दाफाश होता है।




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