लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य की जमानत याचिका खारिज....

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और व्हाट्सएप पर विभिन्न समूह बनाकर हथियारों के अधिग्रहण को बढ़ावा देने के आरोपी, लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य इनामुल हक की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। इनामुल हक के खिलाफ देवबंद पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
प्राथमिकी के मुताबिक, कुछ सामग्री की बरामदगी के आधार पर यह पाया गया कि हक ने व्हाट्सएप पर एक समूह बनाया जिसका उपयोग ‘जिहादी’ साहित्य के प्रसार के लिए कर रहा था। वह इस समूह का एडमिन था और इस पर जिहादी वीडियो अपलोड किया करता था। हक ने स्वीकार की कि वह लश्कर-ए-तैयबा समूह से जुड़ा था और व्हाट्सएप समूह चला रहा था। इस समूह के 181 सदस्य थे जिसमें पाकिस्तान के 170 सदस्य, अफगानिस्तान के तीन सदस्य और मलेशिया एवं बांग्लादेश का एक-एक सदस्य शामिल था। वह ऐसा ही एक अन्य ग्रुप भी चला रहा था जिससे जुड़ने के लिए वह लोगों को उकसाता था।
न्यायमूर्ति भाटिया ने पिछले सप्ताह संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा, मौजूदा मामले में याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं कि वह व्हाट्सएप पर दो ग्रुप का एडमिन था जिसमें मुख्य रूप से विदेशी नागरिक सदस्य थे और ये ग्रुप कथित तौर पर हथियार जमा करने तथा धार्मिक पूर्वाग्रह को बढ़ावा दे रहा था।






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)




Comments