सूरजपुर में सड़क सुरक्षा का अनूठा संदेश: 800 युवाओं ने लगाई दौड़, मंत्रियों ने खुद चलाई बाइक...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-
सड़क सुरक्षा के प्रति आम जनता को जागरूक करने के लिए छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में एक बड़ा मैराथन आयोजन हुआ, जिसमें करीब 800 प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस विशेष अभियान में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की और राजमोहनी माता चौक से हरी झंडी दिखाकर मैराथन की शुरुआत की। खास बात यह रही कि दोनों मंत्री सिर्फ झंडा दिखाने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि खुद बाइक रैली में शामिल होकर सड़क पर उतरे और लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश दिया।

साधुराम सेवा कुंज में जाकर इस मैराथन का समापन हुआ, जहां बड़ी संख्या में पहुंचे बच्चों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने सुरक्षित यातायात की कसम खाई। इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले धावकों को सम्मानित भी किया गया।
एक स्कैन से मिलेगी अब तुरंत मदद -
कार्यक्रम के दौरान आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ‘रोड सेफ्टी अपना हेल्प क्यूआर’ लोगो और पायलट प्रोजेक्ट का आधिकारिक शुभारंभ किया गया। सूरजपुर जिले में इस अनूठी पहल को लागू किया गया है, जिसके तहत जिले के डार्क और ब्लाइंड स्पॉट्स पर क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं।
इस क्यूआर कोड की खासियत यह है कि आपात स्थिति या दुर्घटना होने पर कोई भी व्यक्ति इसे स्कैन करके सीधे एम्बुलेंस और पुलिस को तुरंत कॉल कर सकता है, साथ ही पीड़ित के परिजनों को भी एक क्लिक में सूचना भेजी जा सकती है। इसके अलावा, गलत पार्किंग जैसी समस्याओं पर वाहन मालिक को भी अलर्ट किया जा सकेगा। इस पूरी प्रक्रिया में यूजर की प्राइवेसी और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा गया है।
जिम्मेदार नागरिक बनें और नियम अपनाएं -
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि ट्रैफिक रूल्स का पालन केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि खुद की और परिवार की हिफाजत है। एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल सकती है। युवा देश की ताकत हैं और उनकी सक्रियता से समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यातायात के नियमों को अपनी आदत का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे खुद दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनते हैं। मंत्री ने सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए लोगों से आगे आने की अपील की। उन्होंने जानकारी दी कि 'पीएम राहवीर योजना' के तहत दुर्घटना पीड़ित को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उसकी जान बचाने वाले मददगार को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। साथ ही, घायलों के लिए कैशलेस इलाज का भी प्रावधान है।
कलेक्टर रेना जमील ने इस क्यूआर तकनीक को आपातकाल में जीवन बचाने वाला एक क्रांतिकारी कदम बताया। इस अवसर पर प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी, वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सड़क पर सावधानी बरतने और नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करने का सामूहिक संकल्प लिया।
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