पीयूष गोयल के प्रेस कांफ्रेंस के बाद गरमाया माहौल, हर साल क्रॉस होती है चावल जमा की समय-सीमा..

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
धान खरीदी, कस्टम मिलिंग, चावल का टारगेट और बायोमीट्रिक से खरीदी को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर हंगामा मच गया है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को वीसी में राइस मिलरों पर भी कड़ाई करने के निर्देश दिए गए हैं। 20 प्रश से कम चावल जमा करने वालों की बीजी राजसात करने को भी कहा गया है। कस्टम मिलिंग समय सीमा में नहीं करने के कारण एक सीजन का काम दूसरे सीजन तक जाता है। पीयूष गोयल ने रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें जो तथ्य उन्होंने रखे, उससे प्रदेश में हलचल मच गई है।
राईस मिलरों की सांसें इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद चढ़ी हुई है। दरअसल, सबसे बड़ा मुद्दा चावल जमा करने का है। वर्ष 22-23 में रायगढ़ जिले में खरीदे गए 41.29 लाख क्विंटल धान के अलावा मिलरों को दूसरे जिले का करीब 5.87 लाख क्विंटल धान दिया गया। करीब 31.60 लाख क्विंटल चावल जमा किया जाना है जिसकी तुलना में अभी करीब 29 लाख क्विंटल जमा हो चुका है। अब करीब ढाई लाख क्विंटल जमा करना शेष है। पीयूष गोयल ने इसी मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि चावल जमा करने का डेट एक्सटेंड करने के पीछे बड़ी गड़बड़ी है।
एक साल का चावल अगले साल दिया जाता है। फिर उस साल का अगले साल । ऐसा करने के पीछे बड़ा घपला है। दरअसल धान खरीदी के बाद से ही गड़बड़ी शुरू हो जाती है। 30 सितंबर चावल जमा की अंतिम तारीख है लेकिन मिलर चावल ही नहीं भेज रहे हैं। पूरी उम्मीद केंद्र और राज्य पर टिकी हुई है। समय सीमा बढ़ाने पर अगले खरीफ सीजन का धान मिल जाएगा।






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