धमतरी में 'आंगन मिलन सेवा' से महक रहे आंगनबाड़ी केंद्र, बच्चों और महिलाओं के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
रायपुर: धमतरी जिले में महिला सशक्तीकरण और नौनिहालों के सुनहरे भविष्य को लेकर एक अनूठी पहल रंग ला रही है। 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत आयोजित किए जा रहे 'आंगन मिलन सेवा' आयोजनों से अब आंगनबाड़ी केंद्र केवल पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि खेलकूद, उमंग और पोषण जागरूकता के जीवंत केंद्र बन चुके हैं। प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, जिले के कुल 1,164 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 30 सितंबर तक 498 केंद्रों पर यह विशेष अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। आगामी 6 अक्टूबर तक चलने वाले इस महाअभियान का मकसद बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है।
संस्कृति, सेहत और मनोरंजन का अनूठा संगम -
इस विशेष आयोजन के दौरान महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य, साफ-सफाई के तौर-तरीकों के साथ-साथ सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है। केंद्रों पर सजी ‘मेरी पौष्टिक थाली’ प्रदर्शनी और स्वस्थ शिशु स्पर्धा आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। इसके अलावा, बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पेंटिंग प्रतियोगिताओं ने सबका मन मोह लिया।
महिलाओं को जोड़ने के लिए महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की तर्ज पर मेहंदी व रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। वहीं, फुगड़ी, रस्साकशी, मटकी फोड़ और कुर्सी दौड़ जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी खेलों ने मातृशक्ति में जबरदस्त जोश भर दिया।
'न्योता भोज' और 'घर-घर मुनगा' अभियान से पोषण सुरक्षा -
स्वस्थ बचपन की नींव मजबूत करने के लिए विशेषज्ञों द्वारा संतुलित आहार पर जोर दिया जा रहा है। सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के वास्ते ‘न्योता भोज’ का आयोजन कर बच्चों को प्रेम से स्वादिष्ट व पौष्टिक भोजन कराया गया। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर अत्यधिक गुणकारी माने जाने वाले सहजन को बढ़ावा देने के लिए ‘घर-घर मुनगा, हर घर मुनगा’ का नारा देकर परिवारों को जागरूक किया जा रहा है।
जन-भागीदारी ने बदली तस्वीर -
यह आयोजन अब किसी सरकारी योजना से बढ़कर एक जन-उत्सव का रूप ले चुका है। इस अभियान की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक:
2,171 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों ने मोर्चा संभाला है।
6,543 से ज्यादा बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।
4,379 से अधिक महिलाओं और 6,033 से ज्यादा पुरुषों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई है।
'खिलौना दान करें, बच्चों के विकास में सहभागी बनें'
महिला एवं बाल विकास विभाग ने क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे खिलौना बैंक में अपना योगदान दें। लोग अपने घरों के उपयोग योग्य पुराने या नए खिलौने नजदीकी आंगनबाड़ी में दान कर सकते हैं। विभाग का मानना है कि खिलौने बच्चों की रचनात्मकता और बौद्धिक क्षमता को निखारने का एक सशक्त माध्यम हैं।






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