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बरेली कॉलेज में मांझे में फंसा बाज, कर्मचारियों ने चलाया रेस्क्यू अभियान....

Aug 20
4 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

बरेली कॉलेज परिसर में गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब प्राचार्य कार्यालय के पास अमलतास के पेड़ की ऊंची डाल में एक बाज मांझे में फंस गया। मांझे में उलझने के बाद बाज लगातार फड़फड़ा रहा था। उसे इस हालत में देखकर कॉलेज कर्मचारियों ने तत्काल उसे बचाने का प्रयास शुरू कर दिया। कर्मचारी प्रदीप सीढ़ी की मदद से पेड़ पर चढ़कर बाज तक पहुंचने की कोशिश करते नजर आए। घटना गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे की बताई जा रही है। प्राचार्य कार्यालय के पास स्थित अमलतास के पेड़ पर लोगों की नजर उस समय पड़ी, जब उन्होंने बाज को ऊंचाई पर फंसा हुआ देखा। बाज मांझे में इस तरह उलझा था कि वह उड़ने में असमर्थ था।

वह खुद को छुड़ाने के लिए लगातार पंख फड़फड़ा रहा था। बाज को फंसा देख कर्मचारियों ने शुरू किया बचाव बाज को पेड़ पर फंसा देखकर कॉलेज कर्मचारियों ने उसे बचाने का निर्णय लिया। कर्मचारी प्रदीप सीढ़ी लेकर पेड़ की ओर पहुंचे और बाज तक पहुंचने का प्रयास किया। पेड़ की डाल काफी ऊंचाई पर होने के कारण उसे सुरक्षित तरीके से नीचे उतारना आसान नहीं था। बचाव अभियान शुरू होते ही कॉलेज परिसर में मौजूद लोगों का ध्यान भी इस ओर चला गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में छात्र, कर्मचारी और अन्य लोग मौके पर एकत्र हो गए।

सभी की नजर पेड़ की ऊंची डाल पर फंसे बाज पर थी। कुछ लोग बाज को बचाने की कोशिशों को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना के फोटो और वीडियो भी बनाए। देखते ही देखते कॉलेज परिसर में यह घटना चर्चा का विषय बन गई। फायर ब्रिगेड को दी गई सूचना बाज को ऊंचाई पर फंसा देखकर किसी व्यक्ति ने फायर ब्रिगेड को भी सूचना दे दी। सूचना मिलने के बाद उसे सुरक्षित निकालने के लिए मदद की उम्मीद बढ़ गई। कर्मचारियों की ओर से भी लगातार कोशिश जारी रही। पेड़ की ऊंचाई और मांझे में बाज के उलझे होने के कारण उसे सीधे नीचे उतारना जोखिम भरा था। ऐसे में बचाव के दौरान इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा था कि बाज को किसी तरह की अतिरिक्त चोट न पहुंचे। कॉलेज कर्मचारियों के प्रयास के दौरान मौके पर मौजूद लोग भी बचाव अभियान को लेकर चिंतित नजर आए। लोग चाहते थे कि बाज को जल्द से जल्द मांझे से मुक्त कर सुरक्षित नीचे उतारा जाए।

मांझा बना पक्षियों के लिए खतरा घटना ने एक बार फिर पतंग उड़ाने में इस्तेमाल होने वाले मांझे से पक्षियों को होने वाले खतरे की ओर ध्यान खींचा है। पेड़ों और इमारतों के आसपास फंसा मांझा अक्सर पक्षियों के लिए परेशानी का कारण बनता है। उड़ान के दौरान पक्षियों के पंख या पैर इसमें उलझ सकते हैं, जिससे वे घायल हो जाते हैं या लंबे समय तक फंसे रहते हैं। बरेली कॉलेज में बाज के मांझे में फंसने की घटना भी इसी तरह की समस्या को सामने लाती है। कॉलेज परिसर में पेड़ों की संख्या अधिक होने के कारण वहां पक्षियों की आवाजाही भी रहती है। ऐसे में पेड़ों पर लटकता या फंसा हुआ मांझा उनके लिए खतरा पैदा कर सकता है। लोगों ने की बचाव अभियान की सराहना मौके पर मौजूद लोगों ने कॉलेज कर्मचारियों द्वारा बाज को बचाने की कोशिश की सराहना की। लोगों का कहना था कि बाज को फंसा देखकर कर्मचारी तत्काल मदद के लिए आगे आए। यदि समय रहते उसे मांझे से मुक्त नहीं किया जाता तो उसकी स्थिति गंभीर हो सकती थी। घटना के दौरान कई लोगों ने कर्मचारियों को जरूरी सावधानी बरतने की सलाह भी दी।

ऊंचाई पर मौजूद बाज तक पहुंचने के दौरान कर्मचारी खुद भी असुरक्षित स्थिति में हो सकते थे। इसलिए सुरक्षित तरीके से बचाव अभियान चलाने पर जोर दिया गया। कॉलेज परिसर में जुटी भीड़ बाज के मांझे में फंसने की खबर फैलते ही कॉलेज परिसर में भीड़ बढ़ती गई। कई लोग मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम को देखने लगे। कुछ लोगों ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ के कारण कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी जैसी स्थिति भी बन गई। हालांकि कर्मचारियों का ध्यान बाज को बचाने पर ही केंद्रित रहा। लोगों से भी बचाव कार्य में बाधा न डालने की अपील की गई। घटना के बाद कॉलेज प्रशासन और कर्मचारियों के बीच भी इस बात को लेकर चर्चा हुई कि परिसर में पेड़ों पर लटके मांझे को हटाने के लिए नियमित निगरानी की जानी चाहिए। यदि पेड़ों पर फंसे मांझे को समय रहते हटा दिया जाए तो पक्षियों के घायल होने की घटनाओं को कम किया जा सकता है।

वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल बाज जैसे पक्षी प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में उनके लिए मांझे जैसी चीजों से पैदा होने वाला खतरा चिंता का विषय है। विशेषज्ञों और पक्षी प्रेमियों की ओर से समय-समय पर लोगों से अपील की जाती रही है कि पतंग उड़ाते समय ऐसे मांझे का इस्तेमाल न करें, जो पक्षियों और अन्य जीवों के लिए खतरनाक हो। बरेली कॉलेज की घटना में भी कर्मचारियों की सक्रियता से बाज को बचाने का प्रयास किया गया। घटना ने यह संदेश दिया कि पेड़ों, बिजली के तारों और अन्य स्थानों पर फंसे मांझे को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। फिलहाल कॉलेज परिसर में बाज को मांझे से सुरक्षित निकालने के लिए कर्मचारियों और संबंधित बचाव टीम की कोशिश जारी रही। दोपहर में शुरू हुई इस घटना ने कुछ ही देर में कॉलेज परिसर में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। एक पक्षी को बचाने के लिए कॉलेज कर्मचारियों की तत्परता और मौके पर जुटी भीड़ के कारण यह घटना पूरे परिसर में चर्चा का विषय बन गई।

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