आबकारी विभाग में दोहरी कार्रवाई का आरोप, मूल छत्तीसगढ़िया अधिकारी-कर्मचारी निशाने पर.....

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब की निर्धारित कीमत से अधिक वसूली और अवैध शराब निर्माण से जुड़े मामलों में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने अलग-अलग मामलों में तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है, जबकि दो सहायक जिला आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
190 रुपये की शराब 200 रुपये में बेची
राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने 7 सितंबर 2026 को महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी-बेमचा का आकस्मिक निरीक्षण किया। छद्म ग्राहक के माध्यम से कराए गए सत्यापन में बैगपाइपर व्हिस्की का एक पाव 190 रुपये के निर्धारित मूल्य के बजाय 200 रुपये में बेचा जाना पाया गया।
इसके बाद दूसरे विक्रेता से कराई गई खरीद में भी शराब का पाव 190 रुपये के बजाय 200 रुपये में बेचा गया। इस तरह दो पाव की खरीद पर निर्धारित 380 रुपये के स्थान पर 400 रुपये वसूले गए। यानी ग्राहकों से कुल 20 रुपये अधिक लिए गए। मामले में दोनों विक्रेताओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
आबकारी उप निरीक्षक निलंबित
विभाग ने ओवररेटिंग को संबंधित क्षेत्र में प्रभावी निगरानी की कमी और शिथिल नियंत्रण का गंभीर मामला माना। इसके बाद महासमुंद के आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी और वृत्त प्रभारी नितेश सिंह बैस को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग, दुर्ग कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इसी मामले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी दीपक ठाकुर और अजय कुमार पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दोनों अधिकारियों से सात दिन के भीतर समाधानकारक जवाब मांगा गया है। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कांकेर में 4,409 खाली बोतलें बरामद
दूसरी कार्रवाई कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र से जुड़ी है। ग्राम बसंत नगर में पुलिस ने एक सूने किराए के मकान पर छापा मारकर अवैध शराब निर्माण से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की।
कार्रवाई के दौरान मौके से ये सामग्री जब्त की गई—
4,409 खाली शराब की बोतलें और पौवे।
105 पत्ते स्टीकर और होलोग्राम।
3,380 ढक्कन।
जम्मू स्पेशल व्हिस्की के 30 भरे हुए पौवे।
भरी हुई शराब की कुल मात्रा 5.400 लीटर, जिसकी कीमत 3,600 रुपये बताई गई।
विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर और होलोग्राम की अनुमानित कीमत 59,645 रुपये।
खाली बोतल और पौवों की अनुमानित कीमत 22,045 रुपये।
इतनी बड़ी मात्रा में बोतल, ढक्कन, स्टीकर और होलोग्राम मिलने के बाद विभाग ने इसे क्षेत्रीय निगरानी में गंभीर चूक माना।
कांकेर के दो अधिकारी निलंबित
मामले में भानुप्रतापपुर क्षेत्र के आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी और वृत्त प्रभारी रानू मरकाम को निलंबित किया गया है। विभाग ने इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही, उदासीनता और प्रभावी नियंत्रण के अभाव का मामला माना।
इसके अलावा जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय, उत्तर बस्तर कांकेर के प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। विभाग के अनुसार, उनके खिलाफ प्रथमदृष्टया गंभीर लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता और प्रभावी पर्यवेक्षण की कमी पाई गई।
रानू मरकाम का निलंबन अवधि में मुख्यालय जिला आबकारी अधिकारी, कांकेर कार्यालय और मधुकर श्याम हरित का मुख्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है। दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
ओवररेटिंग और अवैध शराब पर सख्ती का दावा
आबकारी विभाग ने कहा है कि शराब की निर्धारित कीमत से अधिक वसूली, अवैध शराब निर्माण और निगरानी में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और मैदानी अमले के माध्यम से शराब दुकानों की जांच और निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर शराब दुकानों में कथित ओवररेटिंग और अवैध शराब की बिक्री को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में विभाग की कार्रवाई के साथ-साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जांच सभी स्तरों पर समान रूप से हो और जिम्मेदारी तय करने में किसी तरह का भेदभाव न किया जाए।







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