google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.06.00.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.06.01.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.06.01 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.06.01 (2).jpeg

गरियाबंद में मेडिकल स्टोर की आड़ में इलाज का आरोप...जानें पूरा मामला !

50 minutes ago
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

गरियाबंद :- गरियाबंद जिले के अमलीपदर थाना क्षेत्र में मेडिकल स्टोर की आड़ में बिना डिग्री इलाज करने का आरोप लगाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच की बात कही है। वहीं इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में एक मेडिकल स्टोर में मौजूद व्यक्ति मरीज को दवा देते और बाद में इंजेक्शन लगाते हुए दिखाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति के पास इलाज करने के लिए आवश्यक डिग्री या वैध दस्तावेज नहीं हैं।


















वायरल वीडियो में धनेश्वर मेडिकल नाम का बोर्ड दिखाई दे रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति मोबाइल पर बात करते हुए मेडिकल स्टोर से दवा निकालता नजर आ रहा है। इसके बाद वह मेडिकल के पीछे बने एक क्लिनिकनुमा कमरे में जाता है और वहां मरीज को इंजेक्शन लगाता दिखाई देता है। जानकारी के अनुसार, यह वीडियो अमलीपदर थाना क्षेत्र के सरनाबहाल गांव का बताया जा रहा है। वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान धोबलेश्वर यादव के रूप में होने की बात सामने आई है।


स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति के पास फार्मेसी या नर्सिंग से संबंधित आवश्यक योग्यता नहीं है। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा के नाम पर इलाज किया जा रहा है। मामला इसलिए गंभीर माना जा रहा है क्योंकि दवा बिक्री के लिए निर्धारित नियमों के अलावा मरीजों का उपचार करना अलग प्रक्रिया के अंतर्गत आता है। बिना योग्य व्यक्ति द्वारा इंजेक्शन लगाना मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा सवाल खड़ा करता है।


मामले में ड्रग इंस्पेक्टर धर्मवीर ध्रुबे ने कहा कि वायरल वीडियो की जानकारी मिली है। संबंधित मेडिकल स्टोर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि वीडियो में इलाज करते हुए भी व्यक्ति दिखाई दे रहा है, इसलिए यह नर्सिंग एक्ट से जुड़ा मामला भी हो सकता है। इस संबंध में सीएमएचओ को जानकारी देकर संयुक्त जांच कमेटी बनाई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


जानकारी के अनुसार, गरियाबंद जिले में करीब 300 मेडिकल स्टोर संचालित हैं। इनमें देवभोग और मैनपुर क्षेत्र में लगभग 60 मेडिकल शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह मेडिकल स्टोर संचालकों द्वारा इलाज किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप है कि कुछ स्थानों पर फार्मासिस्ट की मौजूदगी केवल दस्तावेजों तक सीमित रहती है और वास्तविक रूप से दवा बिक्री या उपचार का काम अन्य लोग करते हैं।


ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कमी भी एक बड़ी समस्या है। अमलीपदर क्षेत्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिले चार साल से अधिक समय हो चुका है। करीब 70 गांवों की लगभग एक लाख आबादी इस क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं पर निर्भर है।


वहीं क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों में कई पद खाली होने की बात सामने आती रही है। चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी के कारण ग्रामीणों को मजबूरी में निजी मेडिकल दुकानों का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में वायरल वीडियो ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था, निगरानी और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति ने नियमों का उल्लंघन किया है या नहीं।

#गरियाबंद #अमलीपदर #सरनाबहाल #मेडिकलस्टोर #बिनाडिग्रीइलाज #स्वास्थ्यविभाग #ग्रामीणस्वास्थ्य #छत्तीसगढ़ #BreakingADNNews

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html