राजधानी में सजेगा भव्य मंच: 221 फीट ऊंचे रावण दहन का साक्षी बनेगा द्वारका, राष्ट्रपति के शामिल होने की संभावना....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
आसमान छूता 221 फीट का रावण और तकनीक का मेल -
इस बार के आयोजन का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु 221 फीट ऊंचा विशालकाय रावण का पुतला है, जिसे तैयार करने में कारीगरों को लगभग तीन महीने का समय लगा और करीब 40 लाख रुपये की लागत आई है। रावण के साथ-साथ 90 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी बनाए गए हैं। सुरक्षा और भव्यता को ध्यान में रखते हुए इस बार पुतलों के दहन के लिए आधुनिक रिमोट-आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे सुरक्षित दूरी से प्रक्रिया पूरी की जा सके।
सोमनाथ मंदिर की थीम पर सजा भव्य मंच -
आयोजन स्थल के मंच को इस बार गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया है। मंच की सजावट में भारतीय स्थापत्य कला और धार्मिक विरासत की अनूठी झलक देखने को मिलती है, जिसका मुख्य उद्देश्य दर्शकों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से रूबरू कराना है।
जेन-जी कलाकारों का अनूठा मंचन -
इस रामलीला को आधुनिक और युवा पीढ़ी के अनुकूल बनाने के लिए 120 से अधिक युवा कलाकारों (जेन-जी) को मैदान में उतारा गया है। ये युवा कलाकार भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जैसे प्रमुख किरदारों को निभा रहे हैं। आयोजकों का मानना है कि इससे नई पीढ़ी सीधे तौर पर सनातन संस्कृति, मर्यादा, त्याग और जीवन मूल्यों से जुड़ सकेगी।
राष्ट्रपति की संभावित उपस्थिति -
चर्चा है कि इस ऐतिहासिक और विशाल आयोजन में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर सकती हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। यदि ऐसा होता है, तो यह द्वारका की रामलीला के इतिहास का सबसे बड़ा पल होगा। सभी श्रद्धालुओं के लिए मैदान में प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क रखा गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इस संस्कृति और आस्था के महाकुंभ का हिस्सा बन सकें।






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