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लोकसभा में बिल पारित होने के बाद बनानी होगी नई सिरे से रणनीति...

2 days ago
3 min read
  • परिसीमन बिल पर टिकीं नेताओं की नजरें, विधानसभा में हो सकती हैं 135 सीटें |

  • छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें 19 से बढ़ाकर 45 करने का प्रस्ताव।

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

रायपुर :- देश में एक बार फिर परिसीमन और महिला आरक्षण बिल को लेकर चर्चाओं को बाजार गर्म हो गया है। यदि मौजूदा हालात में लोकसभा में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पारित हो जाता है, तो छत्तीसगढ़ राजनीतिक तस्वीर में बड़ा बदलावा देखने को मिलेगा। प्रस्ताव बिल के मुताबिक छत्तीसगढ़ में विधानसभा की सीटें 90 से बढ़कर 135 हो सकती है। परिसीमन विधेयक को मंजूरी मिलने और उसके तहत निर्वाचन क्षेत्रों का नया निर्धारण होने पर प्रदेश का राजनीतिक नक्शा बदल सकता है।


इसका असर मौजूदा विधायकों के क्षेत्रों, नए दावेदारों की संभावनाओं और भाजपा-कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर पड़ना तय है। विधानसभा सीटों में संभावित 50 प्रतिशत वृद्धि का मतलब होगा कि प्रदेश में 45 नए विधानसभा क्षेत्र बन सकते हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों को केवल नए चेहरों की तलाश ही नहीं करनी होगी, बल्कि मौजूदा नेताओं के प्रभाव क्षेत्र, जातीय-सामाजिक समीकरण और संगठनात्मक ढांचे की भी नए सिरे प्रस्तावित परिसीमन 2011 की जनगणना के हिसाब से होना है।


इसके हिसाब से एआई ने छत्तीसगढ़ में संभागवार सीटों की संख्या का आंकलन तैयार किया है। इसके लिए एआई ने 2011 की जनगणना के आधार पर जिलों की उपलब्ध आबादी को 135 सीटों में आनुपातिक रूप से बांटा है। गणना में सीटों के पूर्णांक तय करने के लिए सबसे बड़े शेषफल की पद्धति अपनाई गई है। मध्यप्रदेश, बिलासपुर संभाग, रायपुर संभाग, दुर्ग संभाग, बस्तर संभाग से समीक्षा करनी पड़ सकती है। निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं बदलने पर किसी मौजूदा विधायक का क्षेत्र बंट सकता है या उसके कुछ हिस्से दूसरे क्षेत्र में शामिल हो सकते हैं।


इससे AI एआई ने बताया संभागवार सीटों का गणित सरगुजा सभाग, बिलासपुर संभाग- सीटें 39, रायपुर संभाग- 30 सीटें, दुर्ग सभाग- 30 सीटें, सरगुजा संभाग- सीटें 20, बस्तर संभाग- 16 सीटें टिकट के दावेदारों के सामने नए समीकरण बनेंगे। नए क्षेत्रों में संगठन की परीक्षाः सीटों की संख्या बढ़ने पर चुनावी चुनौती केवल प्रत्याशी चयन तक महिला आरक्षण भी अहम परिसीमन की चर्चा में महिला आरक्षण का मुद्दा भी अहम है। यदि 135 सदस्यीय विधानसभा में एक-तिहाई सीटों पर महिलाओं के आरक्षण का प्रावधान लागू होता है, तो गणित के हिसाब से 45 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं।


वर्तमान विधानसभा में महिलाओं के लिए 19 सीटें आरक्षित है। एक्सपर्ट व्यू एनडीए सरकार के समय समय 50 फीसदी सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव है। प्रस्तावित परिसीमन में वर्ष 2011 की जनगणना की बात है। इसलिए अभी इस विषय में कुछ भी बोलने में जल्दबाजी होगी। सारी बातें लोकसभा में जो बिल पेश होकर पारित होगा, उसी पर टिकी है। इसके आधार पर ही परिसीमन होगा। बिल में ही परिसीमन लागू करने का फार्मूला भी होगा। यदि प्रस्ताव के मुताबिक बिल पारित होता है, तो छत्तीसगढ़ विधानसभा की सीटें 135 हो सकती हैं। - सुशील त्रिवेदी, पूर्व सदस्य, परिसीमन आयोग सीमित नहीं रहेगी। नए निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी संगठन खड़ा करना, स्थानीय मुद्दों की पहचान करना और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं का नेटवर्क तैयार करना भी जरूरी होगा। रायपुर-दुर्ग जैसे शहरी विस्तार वाले इलाकों से लेकर बस्तर और सरगुजा के दूरस्थ क्षेत्रों तक परिसीमन का असर अलग-अलग हो सकता है। आमने-सामने कांग्रेस महिला सशक्तीकरण की विरोधी : भाजपा|


भाजपा के मुख्य प्रवक्ता व सांसद संतोष पाण्डेय का कहना है कि कांग्रेस महिला सशक्तीकरण की विरोधी रही है। देश में यदि किसी ने महिलाओं के हितों की चिंता की तो वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की। उनके लिए शौचालय का निर्माण कराया। उज्जवला गैस कनेक्शन देने की शुरुआत की। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना का संचालन हो रहा है। महिलाओं को सम्मान देने का काम प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री साय की सरकार कर रही है। लोकसभा के नए भवन में पहले ही दिन महिला आरक्षण बिल लाया गया।


भाजपा की नीयत में खोटः कांग्रेस प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण को वर्तमान लोकसभा सीटों पर करने की लगातार मांग कर रही है, जिससे भाजपा पीछे भाग रही है। 2011 के बाद जनगणना हुई नहीं हैं बिना जनगणना महिलाओं के आरक्षण देने के नाम से सीटों का परिसीमन करना धोखा है। भाजपा की नीयत में खोट है। महिलाओं को आरक्षण का लाभ नहीं देना चाहती है इसलिए वर्तमान सीटों में आरक्षण लागू करने से भाग रही है। कांग्रेस महिलाओं के आरक्षण देने के पक्षधर हैं। #ChhattisgarhPolitics #Delimitation #WomenReservation #ChhattisgarhAssembly #PoliticalNews #WomenEmpowerment #AssemblySeats #Election2026 #HindiNews #BreakingADNNews

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