किफायती आवास योजना: छत्तीसगढ़ के नवाचार को राष्ट्रीय मंच पर मिला सर्वोच्च सम्मान, विज्ञान भवन में हुआ गौरवशाली अभिनंदन...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर: गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के सिर पर पक्की छत का सपना साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लोगों के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और किफायती आवास बनाने की बेहतरीन कार्यप्रणाली के लिए केंद्र सरकार ने राज्य को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ की उस प्रभावी रणनीति को मिला है, जिसके जरिए बिना किसी सरकारी खजाने पर बोझ डाले हजारों परिवारों के लिए जमीन जुटाई गई है।
विज्ञान भवन में मिला राष्ट्रीय गौरव -
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘विश्व पर्यावास दिवस’ के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। राज्य की ओर से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल ने यह सम्मान ग्रहण किया। इस उपलब्धि से पूरे प्रदेश में हर्ष का माहौल है।
बिना सरकारी खर्च के उपलब्ध हुई बेशकीमती ज़मीन -
शहरी इलाकों में गरीबों के लिए आवास निर्माण में सबसे बड़ी बाधा ज़मीन की उपलब्धता होती है। इस चुनौती से पार पाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने निजी कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग के वास्ते भूमि आरक्षण का नियम बेहद सख्ती और प्रभावी ढंग से लागू किया है।
इसका नतीजा यह निकला कि राज्य में 25,413 आवासों के निर्माण के लिए सरकार को एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ा और मुफ्त में ज़मीन मिल गई। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत 17,790 और वर्जन 2.0 के अंतर्गत 7,623 आवासों की ज़मीन शामिल है। खास बात यह है कि ये घर शहर के दूरदराज इलाकों में नहीं, बल्कि विकसित कॉलोनियों के बीच बन रहे हैं, जिससे गरीबों को सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं आसानी से मिल रही हैं।
सरकार की प्रतिबद्धता और दूरदर्शी सोच -
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस राष्ट्रीय सफलता पर पूरी विभागीय टीम और नगरीय निकायों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के सपने को ज़मीन पर उतारने के लिए छत्तीसगढ़ पूरी ताकत से जुटा हुआ है। पक्का मकान केवल दीवारों और छतों का ढांचा नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नींव है।
वहीं, उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य ने सिर्फ योजनाएं कागजों पर नहीं बनाईं, बल्कि ज़मीन के अधिग्रहण से लेकर मकान के निर्माण तक एक ठोस और पारदर्शी तंत्र विकसित किया है। इसी का परिणाम है कि आज छत्तीसगढ़ के प्रयासों को पूरे देश में ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में सराहा जा रहा है। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर ज़रूरतमंद नागरिक को समय पर और सम्मानजनक आवास मिले।






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