हाथी प्रभावित गांवों में पहुंचे पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, ग्रामीणों से मिलकर जाना हाल, अधिकारियों को दिए त्वरित राहत के निर्देश....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-
रायपुर, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले हाथी प्रभावित ग्राम मरडीह, फुंगी और कुरमंतपारा का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने हाथियों की गतिविधियों से प्रभावित ग्रामीणों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा क्षेत्र में हुए नुकसान की पूरी जानकारी ली। मौके पर मौजूद वन विभाग के अधिकारियों, एसडीएम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर उन्होंने प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री और मुआवजा पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए।

भ्रमण के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए हाथियों के कारण उत्पन्न संकट और उनकी परेशानियों को गहराई से समझा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को किसी भी तरह की अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही, हुए नुकसान का नियमानुसार त्वरित आकलन कर मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।
राहत कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं: मंत्री -
मंत्री राजेश अग्रवाल ने वन विभाग के अमले को कड़ी हिदायत दी कि हाथियों द्वारा पहुंचाए गए नुकसान का आकलन पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। प्रभावित परिवारों के प्रकरणों से जुड़ी औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा कर तय नियमों के तहत मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि समय पर राहत राशि उपलब्ध कराना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
शासन का रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में हाथियों की आमद से उपजे हालात को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है। ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ हर पीड़ित परिवार को संबल देना प्रशासन की प्राथमिक जवाबदेही है।
जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता -
ग्रामीणों के बीच पहुंचे मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा, "हाथी प्रभावित क्षेत्र में नुकसान की खबर मिलते ही मैं स्वयं आप सबके बीच आया हूँ। आपकी समस्याओं को समझना और समय पर राहत दिलाना हमारा नैतिक दायित्व है।" उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी तालमेल के साथ काम करें ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते टाला जा सके।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सतर्क रहें, किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं और वन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही तुरंत प्रशासन को सूचित करें, क्योंकि मानव जीवन की सुरक्षा सबसे अहम है।
दौरे के अंत में मंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, एसडीएम और वन विभाग के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।






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