अधिवक्ता और न्यायाधीश मिलकर न्याय व्यवस्था पर जनता का विश्वास बनाए रखें - सांसद बृजमोहन अग्रवाल.....
- ANIS LALA DANI

- 10 hours ago
- 3 min read
रायपुर जिला अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न
सांसद निधि से अधिवक्ताओं की व्यवस्थाओं के लिए ₹10 लाख देने की घोषणा
राजनीति में संविधान और कानून के जानकारों का आना जरूरी: बृजमोहन अग्रवाल

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम -
रायपुर 11 जुलाई 2026 शुक्रवार को रायपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में रायपुर जिला अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नव निर्वाचित अध्यक्ष देवांगन और उनकी पूरी टीम को बधाई व शुभकामनाएँ देते हुए अधिवक्ताओं और न्यायाधीशों से न्याय व्यवस्था की साख को मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया।

न्याय व्यवस्था पर जनता का अटूट विश्वास
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ मेरा लगभग पचास सालों का संबंध है। उन्होंने न्याय व्यवस्था के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, "आज के समय पर न्यायाधीश और अधिवक्ता, अगर ये दोनों मिलजुलकर नहीं चलेंगे, तो शायद हमारी न्याय व्यवस्था प्रभावित होगी। आज समाज में अगर सब चीजों के ऊपर से लोगों का विश्वास उठ चुका है, तो सिर्फ एकमात्र न्याय व्यवस्था बची है जिसके ऊपर जनता का भरोसा है। इस अविश्वास की भावना को विश्वास में बदलने का काम केवल न्याय व्यवस्था ही कर सकती है।"

'जीता वही सिकंदर' का निर्णय न्याय व्यवस्था करती है
राजनीतिक परिदृश्य पर बेबाकी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी पूरी व्यवस्था राजनीतिक है, जहाँ साम-दाम-दंड-भेद से लोग सत्ता में आना चाहते हैं और कहते हैं कि 'जीता वही सिकंदर'। लेकिन वह कैसे जीता, इसका निर्णय न्याय व्यवस्था ही करती है कि अगर किसी ने गलती की है तो उसे सजा कैसे दी जाए। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि पहले संसद और विधानसभाओं में पचास प्रतिशत लोग वकालत या न्यायिक पृष्ठभूमि से होते थे, लेकिन आज राजनीति में कानून के जानकारों की अरुचि बढ़ी है। देश की राजनीति को बेहतर बनाने के लिए पढ़े-लिखे और संविधान व कानून को जानने वाले लोगों को आगे आना चाहिए।

सांसद निधि से ₹10 लाख की घोषणा और छात्र जीवन के संस्मरण
सांसद अग्रवाल ने जिला अदालत से जुड़े अपने पुराने संस्मरणों को साझा करते हुए बताया कि 1977 से लेकर 2000 तक उन्होंने न्यायालय के बहुत चक्कर काटे हैं। यहाँ तक कि छात्र जीवन में कॉलेज और यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए भी उन्हें जबलपुर हाई कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाना पड़ा था। अधिवक्ताओं की समस्याओं को करीब से जानने के कारण उन्होंने मंच से अधिवक्ता संघ की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए अपनी सांसद निधि से ₹10 लाख देने की घोषणा की।

गरीबों और राजस्व मामलों के लिए विशेष व्यवस्था का आह्वान
उन्होंने अधिवक्ता संघ से आग्रह किया कि दूर-दराज के गाँवों से आने वाले गरीब पीड़ितों की मदद के लिए जो क्लीनिक बना है, उसे और प्रभावी बनाया जाए। विशेषकर राजस्व (जमीन-जायदाद) से जुड़े मामलों में होने वाली अनियमितताओं के कारण गरीब भटकते हैं और अपने अधिकारों से वंचित हो जाते हैं। अधिवक्ताओं को एकजुट होकर इन गरीबों को न्याय दिलाने की दिशा में काम करना चाहिए।
समारोह में गरिमामयी उपस्थिति:
इस गरिमामयी समारोह में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराम वर्मा, महापौर मीनल चौबे , रायपुर के चारों स्टेट बार काउंसिल के सदस्य उपस्थित रहे जिनमें स्टेट बार काउंसिल के उपाध्यक्ष विराट वर्मा, सदस्य बृजेश नाथ पाण्डेय, फैज़ल रिजवी, विवेकानंद भोई, पूर्व अध्यक्ष राम नारायण व्यास, पूर्व अध्यक्ष हितेन्द्र तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता के के शुक्ला, शेखर अमीन, कोषराम साहू , यू बी अवस्थी, सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ व कनिष्ठ अधिवक्तागण उपस्थित रहे। इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पदाधिकारियों के नव निर्मित कार्यालय का उद्घाटन किया साथ अधिवक्ता संघ के कैलंडर का विमोचन भी किया।




.jpg)







