आंदोलनरत संविदाकर्मियों पर AAP का बड़ा बयान.....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से:-
संविदाकर्मियों की हड़ताल पर 'आप' प्रवक्ता विजय झा ने सरकार पर साधा निशाना
नियमितीकरण का वादा कर सत्ता में आई सरकार ने संविदाकर्मियों को ठगा- विजय कुमार झा, प्रवक्ता, आप
संविदाकर्मियों की मांग जायज, कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नियमित करें सरकार- विजय झा
आज तूता धरनास्थल पर वादों की बारात निकाल रहे संविदाकर्मी- विजय झा
हमारे नेता अरविंद केजरीवाल ने संविदाकर्मियों को दी नियमतिकरण की गारंटी - विजय झा
कर्मचारियों के आंदोलन को कुचलने का प्रयास गलत, सत्ता में आते ही 'आप' करेगी नियमितकरण- विजय झा
नियमितीकरण का इंतजार कर रहे | छत्तीसगढ़ के 45 हजार संविदा कर्मचारी एक बार फिर सड़कों पर हैं। आज तूता धरना स्थल पर अपनी मांगों को लेकर बारात निकालकर प्रदेश सरकार के समक्ष संविदाकर्मी अपना आक्रोश दर्ज करा रहे हैं। अनियमितकर्मियों की मांग को समर्थन करते हुए 'आप' प्रवक्ता विजय कुमार झा ने प्रदेश सरकार को जमकर लताड़ लगाई है।
'आप' प्रवक्ता विजय कुमार झा ने कहा कि संविदाकर्मियों की मांगों को आम आदमी पार्टी का शुरू से समर्थन प्राप्त रहा है। अनियमित कर्मचारियों की हमेशा से एक ही नियमितिकरण की मांग रही है। जो कि जायज है। सत्तासीन कांग्रेस सरकार ने 2018 की घोषणापत्र में संविदाकर्मियों से नियमितिकरण का वादा की थी। बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस सरकार कर्मचारियों से छल करते हुए अपने वादों की अनदेखी कर तानाशाही रवैया अपना रही है।
संविदाकर्मियों के अनोखे प्रदर्शन की जानकारी देते हुए विजय झा ने कहा कि संविदाकर्मचारी आज नवा रायपुर में बारात निकाल रहे हैं। प्रदेशभर से कर्मचारी रायपुर पहुंचे हैं। धरनास्थल संविदाकर्मी दूल्हे और बाराती बने हैं। वहीं दुल्हन (नियमितिकरण) को लेने के लिए वो सीएम हाउस कूच करेंगे। इसके लिए बाकायदा शादी के कार्ड्स भी छपवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि संविदाकर्मियों की दुल्हन सीएम के पास कैद है, उसे पाने के लिए बारात निकाल रहे हैं।
विजय झा ने कहा कि संविदाकर्मियों के साथ-साथ छत्तीसगढ में सभी विभागों की हालत खराब है। इमरजेंसी स्वास्थ सेवा 102 और 108 के करीब 700 कर्मचारी हड़ताल पर हैं, इसके चलते पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवा भी चरमरा गई है। डायल 102 महतारी सेवा है, जिसमें प्रदेश के दूर दराज क्षेत्रों में भी गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए फ्री एंबुलेंस और डॉक्टर की सेवा मिल जाया करती है। जबकि, सड़क दुर्घटना, हादसा जैसे किसी भी इमरजेंसी में अस्पताल तक पहुंचने के लिए 108 की सेवा उपलब्ध होती है, लेकिन इन दोनों सेवाओं में काम करने वाले सैकड़ों कर्मचारी हड़ताल पर हैं।






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