साइबर ठगी की एक ऐसी कहानी जो हैरान कर दे....पढ़े पूरी खबर

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
रमेश बैंक में कैशियर का काम करते हैं. एक दिन उन्हें अनजान नंबर से वॉट्सऐप कॉल आई. कॉलर ने यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करने के बदले पैसे देने का ऑफर दिया. उसने कहा कि वो एक चैनल सब्सक्राइब करने के बदले उन्हें 200 रुपए देगा. रमेश को लालच आ गया. उनको लगा कि सब्सक्राइबर की संख्या बढ़ाने के लिए हो सकता है कि ऐसा किया जा रहा हो. उनकी सहमति के बाद कॉलर ने उनको एक लिंक भेज दिया. उन्होंने जैसे ही लिंक को क्लिक किया, उसके कुछ देर के बाद उनके बैंक अकाउंट से 10 लाख रुपए कट गए. वो हैरान रह गए. उनको समझ में आ गया कि उनके साथ धोखाधड़ी हो चुकी है. उन्होंने तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा दी.
साइबर ठगी के शिकार हो चुके रमेश की शिकायत के बाद सिटिजन फाइनेंसियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CFCFRMS) तुरंत एक्टिवेट हो गया. उनसे ठगे गए 10 लाख रुपए बैंक अकाउंट में ही फ्रीज कर दिए गए. इसके बाद उनका पैसा रिकवर कर लिया गया. इस तरह एक बैंक कर्मी अपनी मुस्तैदी और केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए इस नए सिस्टम की वजह से आर्थिक रूप से बर्बाद होने से बच गया. इस वक्त CFCFRMS साइबर ठगी के शिकार हो रहे लोगों के लिए वरदान बनता जा रहा है. भारत के इस साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग सिस्टम ने 600 करोड़ रुपए से ज्यादी की रकम को पकड़ा है. इस रकम को वक्त रहते ऑनलाइन धोखेबाजों तक पहुंचने से रोका है.






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