विश्वकर्मा पूजा पर पचास वर्ष बाद बन रहा ये खास संयोग, सफलता के लिए करें ये उपाय....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
शिल्प के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती हर साल कन्या संक्रांति के दिन मनाई जाती है। विश्वकर्मा पूजा पर ऑफिस, फैक्ट्री, अस्त्र-शस्त्र की विधिवत पूजा करने का विधि-विधान है, इसके साथ ही इस दिन नौकरी और व्यापार में सफलता प्राप्त करने के लिए कुछ विशेष उपाय कर सकते हैं, तो चलिए जानते हैं इस दिन कौन-से उपाय करना शुभ होगा
विश्कवर्मा पूजा का समय- 17 सितंबर को पूरे दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाएगी। लेकिन इस दिन पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 10 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस अवधि में पूजन करने से शुभ फलों की प्राप्ति होगी।
औजारों की करते हैं पूजा- इस दिन विशेष तौर पर औजार, निर्माण कार्य से जुड़ी मशीनों, दुकानों, कारखानों, मोटर गैराज, वर्कशॉप, लेथ यूनिट, कुटीर एवं लघु इकाईयों आदि में भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है।
विश्वकर्मा पूजा विधि- इस दिन अपने कामकाज में उपयोग में आने वाली मशीनों को साफ करें। फिर स्नान करके भगवान विष्णु के साथ विश्वकर्माजी की प्रतिमा की विधिवत पूजा करनी चाहिए। ऋतुफल, मिष्ठान्न, पंचमेवा, पंचामृत का भोग लगाएं। दीप-धूप आदि जलाकर दोनों देवताओं की आरती उतारें।
श्रमिक वर्ग से जुड़े लोगों के लिए यह दिन बेहद खास होता है। इस दिन सभी कारखानों और औद्योगिक संस्थानों में विश्वकर्माजी की पूजा की जाती है।
मान्यता है कि इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं साथ ही व्यापार में तरक्की और उन्नति प्राप्त होती है। इनकी पूजा करने से व्यक्ति में नई ऊर्जा का संचार होता है और व्यापार या निर्माण आदि जैसे कार्यों में आने वाली सभी समस्याएं और रुकावटें दूर होती हैं।






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