12 करोड़ का घोटाला हुआ नलकूप खोदने में, डीएमएफ से मिले थे पैसे

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
अगर अफसर चाहते तो डीएमएफ की राशि से रायगढ़ का कायाकल्प हो जाता। कोई भी सडक़ जर्जर नहीं रहती। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। ऐसे-ऐसे कामों में डीएमएफ की राशि फूंक दी गई जिसमें कमीशनखोरी की जा सके। अब नलकूप खनन के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करने का मामला सामने आया है। पीएचई को काम देने के बजाय ऐसे विभाग से काम कराया गया जहां भ्रष्टाचार ज्यादा हो सके। इसकी शिकायत कलेक्टर से की गई है। रायगढ़ जिले में डीएमएफ को जिसने जैसे चाहा वैसे निचोड़ा है। जब जहां कमीशन ज्यादा मिला, वहां फंड आवंटित कर दिए। अब जो नया मामला सामने आया है उसमें 12 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप है |
कलेक्टर से की गई शिकायत में कहा गया है कि डीएमएफ से अनुविभागीय अधिकारी विद्युत/यांत्रिकी लाइट मशीनरी नलकूप एवं गेट उप संभाग रायगढ़ को 12 करोड़ रुपए आवंटित किए गए। इस राशि का उपयोग आंगनबाड़ी केंद्रों, छात्रावासों, स्कूलों, उप स्वास्थ्य केंद्रों आदि में पेयजल व्यवस्था करनी थी। नलकूप खनन, पाईप लाईन विस्तार आदि कामों के लिए करोड़ों रुपए एसडीओ को दिए गए। अफसर ने बिना किसी टेंडर के राशि खर्च कर डाली। मिली जानकारी के मुताबिक राशि मिलने के बाद बिलासपुर से कुछ बोरवेल ठेकेदारों से सेटिंग की। उन्हीं से मनमाने रेट पर कोटेशन मंगवाकर नलकूप खनन करवा लिया।






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