भारतीय फुटबॉल के लिए एक अच्छी खबर. फीफा ने भारतीय फुटबॉल संघ के बैन को हटाया.

. अब भारत में महिला अंडर-17 फुटबॉल वर्ल्डकप खेले जाने का रास्ता भी साफ हो गया है. इससे पहले फीफा ने यह कहकर बैन लगााया था कि ऑल इंडिया फुटबॉल फैडरेशन में किसी तीसरे पक्ष का दखल नहीं हो सकता, जबकि भारत फुटबॉल में कोर्ट की बनाई हुई कमेटी काम कर रही थी.
बता दें कि इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन फुटबॉल (फीफा) ने कुछ दिन पहले ही अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन अब इस फैसले पर फिर से विचार किया गया. फीफा ने शुक्रवार को भारतीय फुटबॉल पर से प्रतिबंध हटाने का फैसला लिया. फीफा ने एआईएफएफ में तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के कारण प्रतिबंध लगाया था. एआईएफएफ पर प्रतिबंध लगाने के बाद फीफा ने बयान जारी कर कहा कि तीसरे पक्ष के अत्यधिक हस्तक्षेप के कारण अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ को निलंबित करने का फैसला किया गया था.
फीफा द्वारा जारी बयान में आगे कहा गया, ''फीफा को इस बात की पुष्टि मिलने के बाद यह निर्णय ले रहा है कि एआईएफएफ कार्यकारी समिति की शक्तियों को ग्रहण करने के लिए स्थापित प्रशासकों की समिति (सीओए) को समाप्त कर दिया गया है और एआईएफएफ प्रशासन ने एआईएफएफ के रोजाना के मामलों पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया था. फीफा और एएफसी स्थिति की निगरानी करना जारी रखेंगे और समय पर चुनाव कराने में एआईएफएफ का समर्थन करेंगे.'' भारतीय फुटबॉल में शुरू हुआ सारा विवाद एआईएफएफ के अध्यक्ष पद से शुरू हुआ था. उन पर चुनाव कराए समय पूरा होने के बाद भी अध्यक्ष के पद की कुर्सी पर बैठने का आरोप लगा. प्रफुल्ल का कार्यकाल साल 2009 से शुरू हुआ और 2020 में खत्म हुआ. इसके बावजूद वह कुर्सी पर बैठे रहे.






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