मुसलमानो का रमजान का महीना तो जा चुका लेकिन अपने साथ बहुत सारी यादें छोड़ गया ।

हम आपको बताना चाहेंगे कि शहर बसना( जिला महासमुंद छत्तीसगढ़)के रहने वाले पिता शेख जाहिद रिजवी माता शेख फरहा रिजवी (दुल्हन पार्लर बाजार पड़ाव बसना)की सुपुत्री 7 वर्षीया "शेख जन्नत फातिमा" ने इस पवित्र रमज़ान के महीने में पूरे तीस रोजा(उपवास) रखें। यह घर के माहौल एवं मां-बाप की तर्बियत तालीम का नतीजा है और हम आपको बताते चलें जन्नत फातिमा बहुत जल्द "हाफिजा और आलीमा" बनने जा रही है जो बहुत ही विरले लोग होते हैं जो इतनी कम उम्र में यह डिग्रियां प्राप्त करते हैं। हम आपको बताते चलें हाफिजा का मतलब होता है की पवित्र ग्रंथ कुरान शरीफ के पूरे 30 पारे (तीस खण्ड)को कंठस्थ याद किया जाता है और आलीमा का मतलब होता है कि उन्हें दीन ईमान और शरीयत तथा कुरान शरीफ के मतलब मायने हदीस के सभी जानकारियों से वह परिपूर्ण रहते हैं।
नगर के सभी जन इस बच्ची के उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं एवं माता पिता के संस्कार की भूरी भूरी प्रशंसा करते हैं।
ब्रेकिंग ADN न्यूज़ "जन्नत फातिमा" के उज्जवल भविष्य एवं उसकी ""हाफिजा एवं आलीमा"" बनने की लग्न एवं चाहत पूर्ण होने की ईश्वर से कामना करता है।






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