कोरोना काल में लॉक डाउन के दौरान शासकीय कार्य की आड़ में खनिज का अवैध कारोबार जोरों पर।

इन दिनों खनिज माफियाओं द्वारा शासकीय कार्य की आड़ में अवैध खनिज (गिट्टी बोल्डर रेत) उत्खनन व परिवहन का कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। वाहन के सामने शासकीय कार्य हेतु का पोस्टर लगाकर बेधड़क खनिज का अवैध परिवहन कर राजस्व की चोरी कर शासन को लाखों रुपए का चूना लगाया जा रहा है।अगर पुलिस प्रशासन या किसी शासकीय कर्मचारियों द्वारा वाहन रोकने पर शासकीय कार्य का हवाला देते हुए बिना किसी कागजात या अभिवहन(पिट पास) दस्तावेज़ के वाहन छुड़ा लिया जाता है, जबकि नियमानुसार किसी भी खनिज परिवहन के लिए चाहे वह शासकीय कार्य के लिए चुना हो प्रत्येक ट्रिप के लिए अलग-अलग अभिवहन पास जिसमें खनिज लोडिंग पॉइंट का दिनांक व समय के स्पष्ट उल्लेख के साथ कलेक्टर खनिज शाखा की पत्र मुद्रा होना जरूरी होता है। एक 10 चक्का हायवा 500 वर्ग फीट गिट्टी पर लगभग ₹3765 का राजस्व (1950 रुपए रॉयल्टी, 585रुपये D M F, 220 रुपये पर्यावरण उपकर, 220रुपये अधोसंरचना उपकर, 40रुपये T D S व 750 रुपये G S T) प्रत्येक गाड़ी में लगभग ₹4000 की टैक्स चोरी कर खनिज माफियाओं द्वारा परिवहन चार्ज सहित ₹12000 में खुले बाजार में ट्रेडर्स को देते हैं, जहां ट्रेडर्स भी बिना भंडारण लाइसेंस के सड़क किनारे खुदरा विक्रय करते हैं ।इस तथ्य की जांच सड़क किनारे पड़ी बड़ी-बड़ी गिनती की ढेरों की जांच कर की जा सकती है जो कि सड़क दुर्घटना को आमंत्रण दे रही है।

इस क्षेत्र में अवैध रेत ढूलाई अवैध उत्खनन कर कई अवैध क्रेशर संचालन हो रहा है इसी तारतम्य में भंवरपुर पुलिस चौकी में शिकायत के आधार पर तीन हाईवा व ट्रैक्टर रोकी गई थी, जिसे शासकीय कार्य का हवाला देकर छुड़ा लिया गया जबकि उनके पास कोई उक्त खनिज के कोई कागजात नहीं थे। आज भी कई ऐसे कार्यस्थल हैं जिनका सही निरीक्षण करने पर भष्टाचार के आश्चर्यजनक परिणाम सामने आ सकते है।
बलौदाबाजार जिले से प्रति दिन कई दर्जन गाड़ियां बसना क्षेत्र में गिट्टी और रेत बिना अभिवहन(पिट पास)पास के बेधड़क आती हैं, उन सभी गाड़ियों के सामने के कांच पर शासकिय कार्यों पर लिखा है या कोविड 19 का पास चिपकाया हुआ है।इस क्षेत्र में जब ठेकेदार के द्वारा सड़क कार्य किया जाता है तो बलौदा बाज़ार जिले के बिलाईगढ़,गिधौरी,शिवरीनारायण,के क्रेशर से100 से 200 ट्रिप हाइवा गिट्टी लेकर दिन रात में दौड़ते है।वो भी ओवरलोड लेकर,इस का प्रमाण बिलाईगढ़ से बसना का मार्ग है जो एक तरफ पूरी तरह क्षतिग्रस्त है,एक तरफ पूरा दबा हुआ है।ये हाइवा बलौदाबाजार जिले से ओवर लोड गिट्टी भर कर आती है और वापस खाली जाती,इस कारण एक तरफ का सड़क पूरा क्षति ग्रस्त है,
इस अवैध अभिवहन में खनिज विभाग का पूरा सहयोग है।अगर किसी ने शिकायत की तो ये जांच हेतु अवश्य आएंगे परंतु उन क्रेशर मालिको को आगाह कर के आएंगे,और खाना पूर्ति के लिए एक दो गाड़ियां पकड़ कर कार्यवाही कर शिकायत की इतिश्री कर जाएंगे।जांच के दिन कुछ गाड़ियों की छोड़ कर सभी गाड़ियों में अभिवहन पास रहता है।ये बात प्रमाणित भी है।सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी के आधार पर,जिस दिन खनिज विभाग का उड़नदस्ता टीम या जांच दल निरीक्षण हेतु आते है उस दिन सबसे ज्यादा पिट पास कटता है।

कुछ महीनों पहले जिला खनिज महासमुंद में दास खनिज अधिकारी की नियुक्ति हुई ।जिनका गृह ग्राम पिथौरा ब्लाक के सल्डीह में है ।दास ने आते ही हो कारनामा कर दिखाया जिससे क्रेशर व गिट्टी सप्लायर्स में दहशत छा गई ।प्रति शनिवार को छापे का दौर जारी रह क्योंकि रविवार को उन्हें अपने घर सलडीह रहना होता था। अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए माइनिंग अधिकारी ने यह तरीका अपनाया। गाड़ी पकड़ने के चक्कर में अधिकारी यह भूल गया कि अपना इलाका लांघ कर बालोदा बाजार जिला घुस के गाड़ियां पकड़ कर खड़ी कर दी। कभी सलीहा से साकरा रोड तो कभी बिलाईगढ़ से बसना जब अधिकारी के मन मुताबिक सब कुछ हो गया तो अब उक्त अधिकारी भी पूरी तरह शांत है सब कुछ पुराने सिस्टम में आ चुका है।
हम आपको बताना चाहते हैं कि क्षेत्र में कितने भी क्रेशर हैं उनके पास पूर्ण अनुमति या पूरे दस्तावेज यहाँ मानक पर नहीं है।0लीज़,भंडारण लाइसेंस,जलवायु सम्मति(NOC)आदि,






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)




Comments