5 साल की नौकरी, 40 लाख किया गबन, अब रायपुर में मिला फर्जी सर्टिफिकेट....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
एक ऐसे सरकारी कर्मचारी का पता चला है जिसने फर्जी सर्टिफिकेट के बल पर रायगढ़ जिले में पहले रोजगार सहायक, फिर कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा के रूप में पांच साल तक नौकरी की। फिर 40 लाख का गबन भी कर लिया। एफआईआर होने के बावजूद रायपुर जाकर वहां मत्स्य विभाग में नौकरी कर ली, लेकिन वेरीफिकेशन में पकड़ा गया। अब रायपुर में उसके विरुद्ध एफआईआर और वसूली के आदेश दिए गए हैं।
यह सनसनीखेज मामला धरमजयगढ़ के अमलीटिकरा के पूर्व रोजगार सहायक और बरमकेला के पूर्व पीओ राजू यादव का है। इसने प्रदेश के सरकारी सिस्टम का मजाक उड़ाया है। राजू यादव ने पहले धरमजयगढ़ जनपद में रोजगार सहायक के रूप काम किया। इसके बाद बरमकेला में कार्यक्रम अधिकारी बन गया। इसके लिए गुरु घासीदास विवि अंतर्गत सेठ रामजीवन लाल अग्रवाल कला एवं विज्ञान महाविद्यालय धरमजयगढ़ से बीएससी का सर्टिफिकेट लगाया। बरमकेला में करीब तीन साल तक पीओ बना रहा। इस दौरान फर्जी देयकों और मूल्यांकन प्रमाण पत्र के आधार पर 36.50 लाख रुपए का गबन किया। यह मामला खासा चर्चित हुआ था क्योंकि क्षेत्र के कई वेंडरों के बिलों को |
फोटोकॉपी करके लगाया गया था। राशि आहरित कर गबन कर लिया गया था। यही नहीं पीएम आवास योजना के 3.80 लाख रुपए भी गबन कर लिए। हु इस दौरान बरमकेला सीईओ सत्यव्रत तिवारी थे। जिनकी राजू यादव से छनती थी। एफआईआर होने के डर से वह अचानक से गायब हो गया। दस्तावेज गायब करने के आरोप में अपराध भी दर्ज है। इसके बाद अब रायपुर से उसका नया कारनामा सामने आया है। बताया जा रहा है कि उसी बीएससी के सर्टिफिकेट के अलावा राजू ने केंद्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान सीआईएफई कोलकाता से मात्स्यिकी उद्यम प्रबंधन का एक वर्षीय डिप्लोमा उपाधि का फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। सभी प्रमाण पत्रों की पुष्टि विभाग ने करवाई तो वे फर्जी निकले। जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत होने के पूर्व ही राजू यादव वहां से भी गायब हो गया। अब संचालक मछली पालन विभाग रायपुर ने राजू यादव को बर्खास्त कर करते हुए एफआईआर के आदेश दिए हैं।






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