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धमतरी में 357 रिचार्ज पिट को मंजूरी, भू-जल संवर्धन अभियान तेज...

Sep 5
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

​रायपुर :- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा 357 सामुदायिक जल स्रोतों पर सैंड फिल्टर (रीचार्ज पिट्स) के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। यह वैज्ञानिक संरचनाएं वर्षा जल को प्राकृतिक रूप से छानकर जमीन के भीतर पहुंचाएंगी, जिससे ग्रामीण और विशेषकर आदिवासी बहुल इलाकों में जल स्तर सुधरेगा।


357 रिचार्ज पिट निर्माण कार्यों को औपचारिक मंजूरी-

धमतरी जिले में वर्षा जल के संरक्षण, भू-जल स्तर में सतत सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा को दीर्घकालिक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से एक बड़ी प्रशासनिक पहल की गई है। जिले में 'वीबी- जी राम जी योजना' के तहत जल संरक्षण और संवर्धन से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कुल 357 रिचार्ज पिट निर्माण कार्यों को औपचारिक मंजूरी दी गई है। स्वीकृति मिलते ही जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इन संरचनाओं का निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रारंभ कर दिया गया है।


स्वीकृत कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग ​कलेक्टर धमतरी के निर्देशन में इन सभी स्वीकृत कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। मैदानी अधिकारियों और तकनीकी अमले को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, निर्धारित तकनीकी मानकों और समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए। नियमित निरीक्षण के माध्यम से कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की निरंतर समीक्षा की जा रही है।​


वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण की प्रभावी संरचना ​रिचार्ज पिट एक अत्यंत व्यावहारिक और उपयोगी जल संरक्षण संरचना है। इसके माध्यम से वर्षा काल में तेजी से बहकर व्यर्थ चले जाने वाले पानी को रोककर सीधे जमीन के भीतर पहुंचाया जाता है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर बारिश के पानी का संचयन होता है, बल्कि भू-जल पुनर्भरण को भी अप्रत्याशित बढ़ावा मिलता है। ग्रामीण अंचलों में इसके दूरगामी और सकारात्मक परिणाम पेयजल स्रोतों—जैसे कुओं, हैंडपंपों और नलकूपों के जलस्तर में सुधार के रूप में स्पष्ट रूप से देखने को मिलेंगे।


'बारिश की हर बूंद सहेजने' की दिशा में मजबूत कदम​कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर आधारित धमतरी जिला अपने प्राकृतिक जल संसाधनों पर अत्यधिक निर्भर है। भविष्य की बढ़ती जल आवश्यकताओं को पूरा करने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए वर्षा जल का संचयन बेहद अनिवार्य है। जिले में निर्मित किए जा रहे 357 रिचार्ज पिट्स के माध्यम से 'बारिश की हर बूंद को सहेजने और उसे भू-जल में लौटाने' के संकल्प को धरातल पर उतारा जा रहा है। ये संरचनाएं न केवल मानसून के दौरान जल भराव और कटाव को रोकेंगी, बल्कि लंबे समय तक ग्रामीण क्षेत्रों में जल की उपलब्धता को आसान बनाकर सतत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन की नींव मजबूत करेंगी।​


समय-सीमा में कार्य पूर्णता पर विशेष बल​जिला पंचायत प्रशासन का मुख्य उद्देश्य स्वीकृत सभी 357 रिचार्ज पिट्स का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराना है, ताकि आगामी वर्षा ऋतु में इनकी कार्यप्रणाली का अधिकतम लाभ जिले को मिल सके। ​मामले की जानकारी देते हुए जिला पंचायत धमतरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि वीबी-जी रामजी योजनांतर्गत जिले में 357 रिचार्ज पिट निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने के साथ गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।


रिचार्ज पिट के माध्यम से वर्षा जल को स्थानीय स्तर पर संरक्षित कर भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलेगा। संबंधित अधिकारियों और मैदानी अमले को सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए है।वीबी- जी राम जी योजना के अंतर्गत उठाया गया यह कदम धमतरी जिले को जल-सुरक्षित और समृद्ध बनाने की दिशा में एक समन्वित और दूरदर्शी प्रयास सिद्ध हो रहा है।

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