शासन के आदेशों की उड़ी धज्जियाँ, अपनी मनमानी से बैठे एक ही गद्दी पर, स्वास्थ्य विभाग का मामला....

पत्रकार कमलेश विश्वकर्मा की कलम से, जशपुर:- शासकीय विभागों में ट्रांसफर और प्रमोशन एक सतत प्रक्रिया है. इसके लिए समय-समय पर प्रशासन स्तर से शासन स्तर तक समय समय पर आदेश जारी होते रहते हैं. बावजूद इसके कई ऐसे अधिकारी कर्मचारी रहते हैं, जो अपने जुगाड़, पहुंच और अर्थ बल के दम पर पूरे नौकरी काल में एक ही स्थान पर टिके और जमे रहते हैं. बहरहाल संचालक छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सेवा ने 25 अप्रैल 2023 एक आदेश जारी किया है. इसका विषय संलग्नीकरण समाप्त करना है. पत्र के भीतर साफ तौर पर लिखा है कि संचानालय स्तर पर समय-समय पर संलग्नीकरण समाप्त करके, ट्रांसफर हुए अधिकारी कर्मचारी को नई पोस्टिंग में ज्वाइन करने का आदेश जारी होता रहता है. फिर भी इसका पालन नहीं होता है, जिसकी शिकायत अधिकारी कर्मचारी संगठनों और विभाग की ओर से मिलती रहती है।
अटैचमेंट खत्म करने का स्पष्ट आदेश
इस आदेश में संचालक स्वास्थ्य सेवा छत्तीसगढ़ ने साफ तौर पर लिखा है कि यह आदेशित किया जाता है कि कलेक्टर, संभागीय संयुक्त संचालक, मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी ऐसे किसी भी अधिकारी की ओर से जारी अटैचमेंट और वर्क ऑर्डर समाप्त कर दिया जाए. अटैचमेंट में नौकरी कर रहे अधिकारी कर्मचारी को 25 अप्रैल 2023 तक मूल पदस्थापना वाले कार्य स्थान के लिए कार्य मुक्त कर आदेश की कॉपी संचानालय रायपुर को उपलब्ध करें.।
जशपुर में एक ऐसा ही मामला

इससे मिलता जुलता प्रकरण छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी में स्वास्थ्य विभाग है, यहाँ एक ही स्थान पर अंगद के जैसे पैर जमा कर बैठे कर्मचारीयों के लिए शासन स्तर पर बीते 25 अप्रैल को एक आदेश जारी हुआ है. लेकिन इस महत्वपूर्ण आदेश का पालन नहीं हो रहा है और ट्रांसफर होने के बाद भी पुरानी संस्था में जमे कर्मचारी फिर जुगाड़ लगा कर या जुगाड़ लगाने के लिए राजधानी और नेताओं के यहां चक्कर लगाने में लगे हुए हैं. इसका सटीक उदाहरण संदीप मिंज को देख सकते हैं।
आदेश का नहीं हो रहा पालन
आदेश में आगे लिखा है कि ऐसा नहीं करने पर एक एक अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार एकतरफा कार्यवाही की जाएगी. इसके लिए अधिकारी कर्मचारी स्वयं जिम्मेदार होंगे. गौरतलब है कि ये आदेश छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सेवा के संचालक ने प्रदेश भर के संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवा, समस्त मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी को जारी किया गया है. बहरहाल इतने महत्वपूर्ण और गंभीर आदेश के आज एक माह से अधिक होने को हैं, लेकिन इसका कड़ाई से पालन हो नहीं हो रहा है और न ही अभी तक सभी जिलों और संभाग से संचालनालय तक इसकी जानकारी भेजी गई है. ऐसे में लगता नहीं है कि इस आदेश के बाद भी अंगद की तरह पैर जमाए अधिकारी कर्मचारी अपने मूल पदस्थापना में जाएंगे. ऐसे ही जशपुर जिले के कुनकुरी सरकारी अस्पताल का मामला सामने आया है । कुनकुरी सरकारी अस्पताल में पदस्थ स्टोर कीपर कर्मचारी संदीप मिंज आज भी शासन के निर्देशों को दरकिनार कर बैठा है और घर बैठे बिना काम बिना बिलबूक के तनख्वाह ले रहा है।
सीएमएचओ ने क्या कहा?
इस आदेश के बाद प्रदेश के सरगुजा संभाग के संभागीय संयुक्त संचालक और सीएमएचओ डॉ. रंजीत तोप्पो से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि इस आदेश के पालन में हमने सिविल सर्जन और सभी बीएमओ को पत्र जारी कर इसकी जानकारी और आदेश का पालन करने को कहा है. डॉ. तंजीत तोप्पो ने ये भी कहा कि आदेश के पालन में ऐसे कोई डाक्टर अधिकारी कर्मचारी यहां नहीं रहेंगे. जो ट्रांसफर या किसी आदेश के कारण संभाग और जिले में अटैच नहीं किया जा सकता है यदि इस तरह कोई मिलता है तो उनके खिलाफ कारवाही किया जायेगा।

स्टोर कीपर संदीप मिंज ने क्या कहा ?
स्टोर कीपर संदीप मिंज ने इस पर कहा कि इसमे मुझे किसी से कोई लेना देना नहीं है, अगर आप को जानकारी लेना है तो बी एम ओ मेडम से लीजीए हमारी पहुंच उच्च अधिकारीयों तक है, मुझे यहाँ से कोई नहीं हटा सकता है, जो करना है कर लीजिये।






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