"एक अद्भुत अटूट रिस्ता" शहीद जवान की धर्मपत्नी की सर्व प्रशंसनीय पहल.. एक बार जरुर पढ़े

एक वीर वधु, एक वीर माता जिनके अद्भुत अटूट रिश्ते की कहानी कितनो को पता है कितनों को पता नहीं है, ये हमारे संज्ञान में नहीं है, सच ही कहते है लोग कि केवल जन्म देने वाली ही माँ नहीं होती अपितु मातृत्व की भावना लिए सभी को संजोकर रखने वाली भी कुछ माताएं होती है


हमारी मुराद छत्तीसगढ़ के फुलझर अंचल बसना में जन्मे जांबाज जवान शहीद वीर जागेश्वर दास जी की धर्मपत्नी वीर नारी श्रीमती पंकजिनी बाई दास जी से है, वीर शहीद जागेश्वर दास जी भारतीय सेना में थल सेना में सेवारत थे, सन 1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारत माता और देश की सेवा करते हुए रणभूमि में वीरगति को प्राप्त हुए, जिनकी धर्मपत्नी वीर नारी श्रीमती पंकजिनी बाई दास अपने सुहाग पर गर्व महसूस करते हुए, निःसंतान होने के बावजूद भारतवर्ष के समस्त सैन्य जवानों को ही अपने मानस पुत्र पुत्री के रूप में मानते हुए रिश्तों को धागों में पिरोकर एकता के सूत्र में बांधकर संगठित कर एक विराट परिवार बना ली हैं। वीर नारी मातृशक्ति श्रीमती दास जी का कहना है कि कभी भी नि:संतान होने का कोई दुःख कोई मलाल नहीं हुआ। शायद ईश्वर की यही इच्छा रही हों।
इसी तारतम्य में विगत दिनांक 10 मई 2023 को उन्होंने बसना स्थित अपने निवास गृह में फुलझर राज अंचल पूर्व सैनिक सेवा परिषद महासम्मेलन का आयोजन किया था। इस अवसर पर फुलझर राज अंचल के सरायपाली बसना तहसील एवं सांकरा जोंक क्षेत्र तक के सेवानिवृत्त पूर्व सैनिकों ने सहभागिता प्रदान कर सम्मेलन में उपस्थित हुए। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व सैनिक सदाशिव चौहान, लोकेशचंद्र भोई, परिमल प्रधान, नित्यानंद प्रधान ,महेन्द्र कैवर्त्य, नवीन भोई ,ओमप्रकाश साहू, वासुदेव साव,राधेश्याम पटेल, चंद्रमोहन दास ,लोकनाथ डड़सेना, मोतीलाल बुड़ेक, पुरूषोत्तम डनसना ,मदन यादव, मायाराम पटेल ,विजय प्रधान, शौकीलाल पटेल,धर्मेन्द्र चौधरी, मनोज सोनी, आदि पूर्व सैनिकों ने सपरिवार अपनी गरिमामय उपस्थिति प्रदान कर उक्त कार्यक्रम को सुचारू ढंग से सफल बनाया।






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